- पुलिसकर्मी ने रोते हुए कहा- उन्होंने सब खत्म कर दिया
- पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया लेकिन बाद में भीड़ दुबारा से इकट्ठी हो गई थाने पर हमला कर दिया।
कलकता, ( न्यूज नेटवर्क ) पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले में शनिवार (29 जनवरी) को ओसग्राम थाने पर भी़ड़ के हमले में कई पुलिसवाले घायल हो गए। एक स्कूल के पास अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सड़क जाम के चलते मामला शुरू हुआ। भीड़ का आरोप था कि पुलिस ने अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ अध्यापकों और छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया लेकिन बाद में भीड़ दुबारा से इकट्ठी हो गई थाने पर हमला कर दिया। पुलिसवालों पर धनुष-बाणों, लाठियों और पत्थरों से हमला किया गया। साथ ही ओसग्राम-गुस्कारा रोड को भी बंद कर दिया। पुलिसवालों ने भागकर जान बचाई।
एक पुलिसकर्मी ने रोते हुए हमले के बारे में बताया। सब इंस्पेक्टर दीपांकर पाल ने बताया, ”उन्होंने हम पर बड़े पत्थरों से हमला बोला। मैं दरवाजा भी बंद नहीं कर सका। उन्होंने मुझे धक्का दिया और मैं नीचे गिर गया। कुछ लोगों ने छुपकर जान बचाई। वहां करीब 3000 लोग थे। उन्होंने सब कुछ खत्म कर दिया। उन्होंने एक कमरे को आग लगा दी और गाडियों को नुकसान पहुंचाया। हमें नहीं पता वे कौन लोग थे।” जिला प्रशासन ने बताया कि दोषियों का पता लगाने और पकड़ने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। इलाके में रैपिड एक्शन फॉर्स लगा दी गई है। बंगाल में हाल के दिनों में पुलिसवालों पर हमले बढ़ गए हैं। पिछले दिनों भानगर में भी इसी तरह का हमला हुआ था।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय विधायक अभेदानंद थंडर ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे माकपा का हाथ है। जिले के एसपी कुणाल अग्रवाल ने कहा कि शनिवार की घटना के साथ शुक्रवार की घटना का कोई संपर्क नहीं है, क्योंकि यह मामला शांतिपूर्वक निपटा लिया गया था। घटना के सिलसिले में कुछ लोगों की पहचान की गई है। उनसे पूछताछ करने के बाद पता चलेगा कि इसमें कौन शामिल हैं।



0 comments:
Post a Comment