नई दिल्ली, ( संवाददाता ) विश्व पुस्तक मेले का तीसरा दिन सप्ताहांत के बाद का पहला कार्यदिवस होने के बावजूद खासी चहल-पहल भरा रहा। सुबह से ही बच्चे, अध्यापक और अभिभावकों की भारी भीड ़ देखकर इस बात के प्रति आश्वस्त हुआ जा सकता है कि आज भी पुस्तकों के प्रति लोगों में आकर्षण एवं रोमांच बना हुआ है।
एनबीटी के 60 वर्ष: इस वर्ष मेले में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा पठन-संस्कृति के प्रोन्नयन की अपनी यात्रा के 60 वर्ष (1957-2017) पूरे होने के उपलक्ष्य में मेले में एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। प्रदर्शनी का शीर्षक ”यह मात्र सिंहावलोकन नही ं“ रखा गया है।


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