साहिबाबाद सीट अभी प्रतिक्षा सूची में ! Sahibabad seat waiting list!













बसपा से निकाले गए पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा होंगे उम्मीदवार ?
साहिबाबाद, ( संजय त्रिपाठी )  बीजेपी ने आज उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए 149 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी । लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के समीप और बीजेपी के प्रतिष्ठा से जुडें दो साहिबाबाद और नोएड़ा सीट की घोषणा रोक दी गई है । गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा सीटों में से चार गाजियाबाद, मुरादनगर, मोदीनगर और लोनी सीट से बीजेपी ने प्रत्यासियों की धोषणा कर दी है, लेकिन साहिबाबाद को प्रतिक्षा सूची में रखा है । जानकारी के अनुसार गाजियाबाद विधानसभा सीट से पूर्व मेयर और बीजेपी के जीवनप्रयत्न सेवा करने वाले दिनेशचंद्र गर्ग के सुपुत्र अतुल गर्ग को बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है । वहीं मुरादनगर से अजीत पाल त्यागी, मोदी नगर से डाॅ मंजू सिवाच तथा लोनी से नन्द किशोर गुर्जर बीजेपी के प्रत्यासी हैं । हालांकि 17 जनवरी से इस क्षेत्र में नोमिनेशन शुरू हो रहा है, फिर भी बीजेपी ने साहिबाबाद सीट को वेटिंग में डाल रखा है। 
 जानकारों की माने तो इसके पीछे दो करण है । अब जो नया कारण सामने आया है उसके तहत बीजेपी अभी सपा, कांग्रेस और रालोद के बीच गठबंधन के तहत सीटों की बठवारे पर अपनी नजरे गड़ा रखी है । पार्टी के चुनाव समिति का मानना है कि गाजियाबाद , साहिबाबाद और लोनी गठबंधन के तहत अगर सीटों का बंटवारा हुआ तो ऐसी स्थिति में गाजियाबाद और लोनी से पहले से तय प्रत्यासी ही मुकाबले में रहेंगे । लेकिन साहिबाबाद सीट पर सपा या कांग्रेस के तहत सीटों की घोषणा के बाद ही पता खोला जायेंगा । दूसरी तरफ आज बसपा के विधायक अमरपाल शर्मा को पार्टी से निकाला गया है । उन्हें पार्टी द्वारा निकाले जाने का मुख्य कारण बीजेपी से टिकट की पैरवी करना बताया जा रहा है । हालांकि पहले से ही कयास लगाये जा रहे थे कि अमरपाल शर्मा बसपा छोड़ कर बीजेपी में जाने का मन बना रहे हैं । बीजेपी साहिबाबाद सीट से अमरपाल शर्मा को मैदान में उतार सकती है तो पंकज सिंह को नोएड़ा से मौका दिया जा सकता है । अभी तक केंद्रीय गृहमंत्री के पुत्र पंकज सिंह के ही साहिबाबाद से चुनाव लड़ने की प्रबल दावेदारी बनी हुई थी , लेकिन अमरपाल शर्मा को बीजेपी से निकाले जाने के बाद कुछ बरिष्ठ नेताओं को उन्हें टिकट मिलने में संदेह लग रहा है । अब तक देखा जाए तो साहिबाबाद सीट से किसी भी पार्टी के प्रत्यासी अभी तक तय नही हैं । करीब एक वर्ष पहले सपा और बसपा दोनों पार्टियों ने इस सीट से अपने प्रत्यासियों की घोषणा कर दी थी । बसपा ने तो पांचों विधानसभा सीटों से अपने प्रत्यासियों के नाम धोषित कर दिया था । बसपा के तरफ से  विधायक अमरपाल शर्मा ही इस विधानसभा चुनाव में प्रत्यासी थें, क्योंकि उन्होंने बसपा के ही टिकट पर 2012 के चुनाव में यह सीट जीता था । सपा ने राशिद मलिक को अपना प्रत्यासी घोषित किया था । लेकिन एक माह पूर्व अखिलेश सिंह गुट ने यहां से बिरेन्द्र यादव को अपना प्रत्यासी बनाया है । अब अखिलेश को साईकिल और पार्टी दोनों का अधिकार मिल गया है । ऐसे में देखा जाए तो उनके द्वारा जारी सूची में बिरेन्द्र यादव ही साहिबाबाद सीट से उम्मीदवार हैं । लेकिन इसमें भी एक पेंच है । आज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने प्रेस के संबोधन में कांग्रेस से गठबंधन होने की बात स्वीकार कर ली है । गठबंधन हो जाने की स्थिति में यह सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है, इस वजह से सपा उम्मीदवार की उम्मीदवारी अभी भी पक्की नहीं कही जा सकती । लेकिन कांग्रेस भी इस सीट से बाहर से प्रत्यासी उतारने का मन बना रही है । कल तक गठबंधन की स्थिति स्पष्ट हो जायेगी तभी सभी पार्टियों के प्रत्यासियों की स्थिति भी स्पष्ट होगी ।        




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