केवाईएस ने क्रांतिज्योती सावित्री बाई फूले के 120वें निर्वाण दिवस पर दिल्ली विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया
नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) आज, क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) कार्यकर्ताओं ने क्रांतिज्योती सावित्री बाई फूले का 120वें निर्वाण दिवस छात्रों के बीच विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन मनाया| इसी मौके पर ‘समान शिक्षा प्रणाली’ का सन्देश देने के लिए साइकिल रैली की शुरुआत की गयी| इस साइकिल रैली को प्रख्यात शिक्षाविद, प्रोफ़ेसर अनिल सदगोपाल ने झंडा दिखाकर मुक्त शिक्षा विद्यालय (एसओएल), डीयू से शुरुआत करने की घोषणा की| ज्ञात हो कि सावित्री बाई फुले महिलाओं के लिए पहला महिला स्कूल भिड़े वाडा, पूणे में 1848 में खोला था| प्रोफ़ेसर सदगोपाल ने सावित्री बाई फुले जैसे क्रांतिकारियों के संघर्ष का महत्व बताते हुए कहा कि उनकी वजह से ही आज महिलाएं और दलित इतनी संख्या में विश्वविद्यालय स्तर तक पहुंचे हैं और सशक्त हुए हैं| परंतु आज भी महिलाओं और दलित समुदाय का बड़ा हिस्सा जो गरीब परिवारों से आते हैं वो उच्च शिक्षा से दूर है| उन्होंने छात्रों से कहा कि शोषित तबके के लिए संघर्ष करना ही सावित्री बाई फूले को सच्ची श्रधांजली होगी|
ज्ञात हो कि इस साइकिल रैली की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था में भारी गैरबराबरी के खिलाफ की जा रही है| स्कूली स्तर पर दोहरी शिक्षा नीति के कारण सबको आगे बढ़ने के समान अवसर नहीं मिल पाता| सरकारी स्कूल और छोटे प्राइवेट स्कूलों की बदहाल स्तिथि के कारण गरीब तबके से आने वाले छात्रों को 12 वीं में रेगुलर कॉलेज के अधिकार से भी वंचित होना पड़ता है| कम कॉलेज-कम सीटों की मार सबसे पहले ये ही छात्र झेलते हैं जिनमे से बहुसंख्यक अपने परिवार में पढने वाले प्रथम पीढ़ी होते हैं| रेगुलर कॉलेज के अभाव में ये छात्र पढ़ाई छोड़ने या कॉरेस्पोंडेंस कोर्स की ओर उन्मुख होते हैं जहाँ इन्हें गिनती की कक्षाएं, लेट रिजल्ट, खराब लाइब्रेरी और अन्य कई प्रकार की गैरबराबरी का सामना करना पड़ता है| दोहरी शिक्षा प्रणाली के कारण समाज में गैर-बराबरी पनपती है| ‘समान शिक्षा प्रणाली’ से ही वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए समान अवसर मिल पाएंगे| इसी विचार के साथ केवाईएस के कार्यकर्त्ता दिल्ली के विभिन्न इलाकों में लोगों के बीच जा रहे हैं| दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से एक लाख हस्ताक्षर इकठ्ठा कर के शिक्षा में गैरबराबरी के खिलाफ एक भारी जनादेश के साथ हम मानव संसाधन मंत्री के समक्ष आने वाले दिनों में जायेंगे|




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