पहले हाथ फिर हाथी पर सियासत First hand again state of the elephant



नई दिल्ली, ( न्यूज नेटवर्क )   उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के परिणाम आने से पहले ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा समाजवादी पार्टी और बसपा के बीच गठबंधन वाले बयान पर सियासत गर्मा गई है। भाजपा ने जहां तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है वहीं बसपा ने इस पर ठंडी प्रतिक्रिया ही व्यक्त की है। चुनाव में सपा ने हाथ का साथ लिया और बाद में हाथी के साथ मिलने के सवाल पर बसपा ने कहा कि अभी किसी से गठबंधन को लेकर कोई बातचीत नहीं चल रही।

सूत्रों के अनुसार बसपा द्वारा फिलहाल चुनाव के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। बसपा फिलहाल दावे और इंतजार करो की नीति अपना रही है। इसी बीच तृणमूल सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मायावती और अखिलेश यादव से कोई बातचीत नहीं कर रही है। समझा जाता है कि ममता बनर्जी अखिलेश यादव और मायावती से चुनाव बाद महागठबंधन बनाने पर बातचीत कर रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा कि इसमें कोई परेशानी नहीं।

हमने बसपा के साथ मिलकर केन्द्र की सरकार बनाई हुई है। अखिलेश ने यह भी संकेत दिए कि चुनाव परिणामों में यदि उन्हें या किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलता है तो राष्ट्रपति शासन की जगह वे मायावती से हाथ मिलाना पसद करेंगे। उनसे पूछा गया कि यूपी में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत न मिलने की स्थिति में समाजवादी पार्टी की रणनीति क्या होगी। इस पर अखिलेश ने कहा कि हां, अगर सरकार के लिए जरूरत पड़ेगी तो राष्ट्रपति शासन कोई नहीं चाहेगा। हम नहीं चाहते कि यूपी को बीजेपी रिमोट कंट्रोल से चलाए। यूपी चुनाव से जुड़े एग्जिट पोल के नतीजों पर सपा नेता रामगोपाल यादव ने सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) की उत्तर प्रदेश में जीत होगी। उन्होंने कहा कि दबाव में एग्जिट पोल के नतीजे बदले गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि सपा 100 फीसदी यूपी के चुनाव जीत रही है। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी सूचना है कि कुछ दिन पहले ही दबाव में समाचार चैनल्स ने एग्जिट पोल के वास्तविक नतीजों को बदला है। इस बीच भाजपा नेता श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि रामगोपाल यादव बताएं कि जब सपा ने कांग्रेस से गठबंधन किया तो क्या दबाव था या अखिलेश यादव ने बसपा से गठबंधन की बात की है तो क्या दबाव है।

इससे पहले रामगोपाल ने गुरुवार को कहा था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर अखिलेश यादव को लगातार दूसरा कार्यकाल मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ मिलकर पार्टी को राज्य विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल होगा। उन्होंने खंडित जनादेश की संभावना से इंकार किया। संसद परिसर में पार्टी के महासचिव ने संवाददाताओं से कहा कि सपा-कांग्रेस को संयुक्त रूप से पूर्ण बहुमत मिलेगा। हम 236 से 240 सीटें जीतेंगे और त्रिशंकु विधानसभा का तो सवाल ही नहीं उठता। उत्तर प्रदेश में भाजपा के सरकार बनाने के दावे पर यादव ने कहा कि उसे जमीनी सच्चाइयों का भान ही नहीं है।



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