एबीवीपी वाले हमेशा कमजोर लोगों को ही क्यों धमकाते हैं? उन्हें को मेरे पास आना चाहिए. जस्टिस मार्कंडेय काटजू - Justice markandey katju challenges abvp





नई दिल्ली: दिल्ली के रामजस कॉलेज में लिटरेरी कमेटी द्वारा राष्ट्रद्रोह का मुकदमा झेल रहे और जेल जा चुके जेएनयू के छात्र उमर खालिद को एक कार्यक्रम में बुलाए जाने के एबीवीपी के विरोध के बाद से दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में उबाल आ गया है. इस सबसे में करगिल युद्ध में शहीद हुए सेना के अधिकारी की बेटी गुरमेहर कौर के ट्वीट और फिर उनकी शिकायत की उन्हें रेप करने की धमकी मिल रही है, ने मामले को और बढ़ा दिया है.

एबीवीपी के विरोध के बाद से दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज के कैंपस में माहौल काफी गर्म है और जेएनयू के साथसाथ अन्य बाहरी कॉलेजों के छात्रों ने मिलकर विरोध प्रदर्शन किया है. लेफ्ट और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने वहां जाकर और परोक्ष रूप से विरोध को समर्थन दिया है. तमाम लोगों का आरएसएस, बीजेपी और एबीवीपी पर गुंडागर्दी करने का आरोप है. ऐसे में कई नेता और लोग सोशल मीडिया पर अपनी अपनी बात रख रहे हैं और कुछ नाम गिरामी लोग भी इस लड़ाई में कूद गए हैं.

इनमें नई एंट्री सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने की है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि एबीवीपी के सदस्य हमेशा कमजोर लोगों को ही क्यों धमकाते हैं? उन्होंने कहा कि इन लोगों को मेरे पास आना चाहिए. मेरे पास डंडा है जो इनका इंतजार कर रहा है और यह डंडा अधीर हुआ जा रहा है. जस्टिस काटजू के इस प्रकार के ट्वीट के बाद उन्हें कई लोगों ने जवाब भी दिए हैं तो कई उनके समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं.

Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment