शुंगलू रिपोर्ट: MCD चुनाव से पहले फंसे केजरीवाल, लगे 5 गंभीर आरोप Shunglu report: Kejriwal,



नई दिल्ली, ( संवाददाता ) एमसीडी के चुनाव दिल्ली के दरवाजों पर दस्तक देने वाले हैं और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर नियमों की अनदेखी करने के कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। केजरीवाल सरकार द्वारा प्रशासनिक फैसलों में संविधान और प्रक्रिया संबंधी नियमों के उल्लंघन की बात शुंगलू समिति ने अपनी रिपोर्ट में उजागर की है।

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने रिपोर्ट में दावा किया है कि उनको दिल्ली की केजरीवाल सरकार के बारे में भ्रष्टाचार के आरोपों का पता लगा है। उन्होंने रिपोर्ट का हवाला देकर ट्वीट किया है। आज कांग्रेस इसपर बड़ा खुलासा करेगी। केजरीवाल सरकार की 404 फाइलों की जांच हुई है। कांग्रेस का दावा है कि इसमें भ्रष्टाचार के गंभीर मामले मिले हैं।

कब बनी थी ये समिति

सितंबर 2016 में तत्कालीन उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा केजरीवाल सरकार के फैसलों की समीक्षा के लिए शुंगलू समिति का गठन किया गया था। सरकार की कुल 440 फैसलों से जुड़ी फाइलों को खंगाला गया है। इनमें से 36 मामलों में फैसले लंबित होने के कारण इनकी फाइलें सरकार को लौटा दी गई थीं। बाकी 404 की जांच हो गई है।

केजरीवाल सरकार के कामकाज और उनके कई फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सत्ता में रहकर बहुत नियमों की अनदेखी की है। कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार के प्रशासनिक फैसलों में संविधान और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया है। 
बड़े विभागों में नियुक्ति में हुई गड़बड़ी

रिपोर्ट में दिल्ली महिला आयोग में स्वाति मालीवाल की नियुक्ति और मंत्रियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक वीके शुंगलू की अध्यक्षता वाली समिति ने केजरीवाल सरकार के फैसलों से जुड़ी 404 फाइलों की जांच कर इनमें संवैधानिक प्रावधानों के अलावा प्रशासनिक प्रक्रिया संबंधी नियमों की अनदेखी किये जाने का खुलासा किया है। इसके लिए समिति ने सरकार के मुख्य सचिव, विधि एवं वित्त सचिव सहित अन्य अहम विभागीय सचिवों को तलब कर सरकार के इन फैसलों में संबद्ध अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों ने समिति को बताया कि उन्होंने इस बाबत सरकार को अधिकार क्षेत्र के अतिक्रमण के बारे में समय समय पर आगाह किया था। इसके लिए कानून के हवाले से दिल्ली में उपराज्यपाल के सक्षम प्राधिकारी होने की भी बात सरकार को बतायी। इतना ही नहीं इसके गंभीर कानूनी परिणामों के प्रति भी सरकार को सहजभाव से आगाह किया।

मोहल्ला क्लिनिक पर उठे सवाल

रिपोर्ट में सभी फाइलों के अवलोकन के आधार पर कहा गया है कि सरकार ने अधिकारियों के परामर्श को दरकिनार कर संवैधानिक प्रावधानों, सामान्य प्रशासन से जुड़े कानून और प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन किया है। इसमें उपराज्यपाल से पूवार्नुमति लेने या फैसलों को लागू करने के बाद उपराज्यपाल की अनुमति लेने और सरकार द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर फैसले करने जैसी अनियमिततायें शामिल हैं।

शुंगलू कमेटी ने दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक के सलाहकार पद पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की बेटी की नियुक्ति को गलत बताया है। साथ ही दिल्ली में आम आदमी पार्टी के दफ्तर के लिए आवंटित बंगले के फैसले को भी अनुचित ठहराया है। 

कई फैसलों पर उठाए सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक आम आदमी पार्टी के विधायक अखिलेश त्रिपाठी को अनुचित ढंग से टाइप 5 बंगला आवंटित कर दिया। निकुंज अग्रवाल को स्वास्थ्य मंत्री का ओएसडी बनाए जाने पर सवाल उठाया गया है। अग्रवाल अरविंद केजरीवाल के रिश्तेदार हैं। इसके अलावा दिल्ली में सीसीटीवी लगाने, मोहल्ला क्लीनिक और भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए फोन नंबर 1030 शुरू करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।




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