रक्षामंत्री ने स्वच्छता अभियान के लिए छावनी बोर्ड की प्रशंसा की The Defense Minister praised the Cantonment Board for cleanliness drive



नई दिलली, ( विशेष संवाददाता )  रक्षामंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज दिल्ली छावनी में स्वच्छता ही सेवा अभियान की औपचारिक रूप से शुरूआत की। इस अवसर पर रक्षामंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत छावनी बोर्ड के प्रयास प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि वे स्वच्छता के संकल्प पर कार्य करते रहें। उन्होंने छावनी के प्रत्येक निवासी को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का अनुरोध किया।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस अभियान की शुरूआत 02 अक्टूबर, 2014 को महात्मा गांधी के स्वस्थ और स्वच्छ भारत के सपने को वर्ष 2019 तक साकार करने के लिए की थी। अंतरिक्ष व सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में भी इसे प्राप्त किया जा सकता है। यह सतत् विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने छावनी बोर्ड की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने स्वच्छता ही सेवा अभियान के दौरान बेहतर प्रदर्शन किया है।

समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यालयों के विद्यार्थियों के संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वच्छता के राजदूत हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि उनके मंत्रालय ने छावनी बोर्ड को सफाई गतिविधियों अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालयों के निर्माण और छावनी क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्ति के लिए 50 करोड़ की धनराशि  मुहैया कराई है। इस अवसर पर रक्षा सचिव श्री संजय मित्रा ने कहा कि प्रत्येक आवास से घर-घर अपशिष्ट का प्रथकीकरण होना चाहिए। 

रक्षा संपदा के महानिदेशक श्री जोजेश्वर शर्मा ने कहा कि पूरे देश में छावनी बोर्ड स्वच्छता के कार्य को मिशन मोड में चला रहे हैं और इसमें सफलता मिल रही है। उन्होंने बताया कि 62 छावनी क्षेत्रों में से 27 छावनी क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया गया है। रक्षा संपदा के अतिरिक्त महानिदेशक ने समारोह में रक्षा मंत्री, अधिकारी गण व दो हजार से अधिक एकत्रित जन समुदाय को स्वच्छता की शपथ दिलाई। मंत्री महोदया ने 11 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन वाहन एवं द्वार से द्वार तक कुड़े के संग्रहण के लिए विशेष ऑटो रिक्शा को भी झंडी दिखाई। श्रीमती सीतारमण ने गोपीनाथ बाजार का दौरा किया और स्वच्छता अभियान का निरीक्षण किया।


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