- जल्द-से-जल्द दिल्ली के सभी जिलों में निर्भया बलात्कार पीड़िता सहायता केंद्र बनाने की उठायी मांग
- भारत के सभी जिलों में अब तक निर्भया केंद्र नहीं स्थापित किये जाने को लेकर केन्द्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय के खिलाफ करेंगे विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) आज क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) और संघर्षशील महिला केंद्र (सी.एस.डब्ल्यू) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली उप-मुख्यमंत्री, मनीष सिसोदिया से मुलाकात कर दिल्ली में बलात्कार पीड़ित सहायता केंद्र नहीं होने का मुद्दा उठाया, जिसके कारण पिछले दिनों एक 5 साल की एक बलात्कार पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल दर अस्पताल घूमने को मजबूर होना पड़ा| अभी तक दिल्ली में बलात्कार पीड़िता सहायता स्थापित न किये जाने को लेकर जब मनीष सिसोदिया से सवाल किया गया, तो उन्होंने केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा सिर्फ एक केंद्र का फण्ड दिए जाने की बात कही| यह असंवेदनशील रवैया इस गंभीर समस्या का निवारण फण्ड दिए जाने पर टिका देता है| दिल्ली सरकार दिल्ली की जनता के प्रति जवाबदेह है और इसलिए उसे अपने वित्त से निर्भया केंद्र स्थापित करना चाहिए| परन्तु, यह करने की जगह उसने केंद्र सरकार द्वारा दिए गये वित्त को भी एक केंद्र क्रियान्वित करने के लिए प्रयोग नहीं किया है|
ज्ञात हो कि शनिवार को 5 वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ गाँधी नगर, शाहदरा में बलात्कार की घटना हुई थी| पीड़िता को कोई भी एम्बुलेंस या यातायात व्यवस्था नहीं प्रदान किये जाने के कारण उसके परिवारजनों को खुद ही उसे अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए ले जाना पड़ा| पीड़िता को डॉक्टर ने पहले पुलिस को बयान देने की बात कहकर, उसे लोक नायक अस्पताल जाने को कहा| ज्ञात हो रात में 12 किलोमीटर दूर लोक नायक अस्पताल ले जाने के लिए, पीड़िता के परिवार वालों को मोटरसाइकिल का प्रयोग करना पड़ा क्योंकि उसे अस्पताल द्वारा एम्बुलेंस नहीं दी गयी| पीड़िता की ख़राब स्थिति होने के बावजूद भी उसके लिए आपातकालीन कैट्स वैन भी मुहैया नहीं कराई गयी|
ज्ञात हो कि दिल्ली में बलात्कार पीड़िताओं को इस तरह प्रताड़ित किया जाना एक आम बात बन चुकी है| यह इसलिए जारी है क्योंकि अभी तक उनकी मदद के लिए कोई भी संस्थागत कदम नहीं उठाये गये हैं| 2012 के बाद केंद्र सरकार ने भारत के सभी जिलों में निर्भया बलात्कार पीड़िता सहायता केंद्र खोलने के लिए फण्ड आवंटित किया था, परन्तु दिल्ली में अभी ऐसा कोई भी केंद्र क्रियान्वित नहीं है| इस कारण अभी भी बलात्कार पीड़िताओं को अपने इलाज और एफ.आई.आर दर्ज के लिए असंवेदनशील अस्पताल प्रशासन और पुलिस से निपटना पड़ता है|
ज्ञात हो कि दिल्ली में औसतन रोजाना 6 बलात्कार के मामले होते हैं| दिल्ली में निर्भया बलात्कार पीड़िता सहायता केंद्र स्थापित किये जाने के लिए केंद्र सरकार ने 2015-2016 बजट में दिल्ली को 75 करोड़ रूपये आवंटित किए थे, परन्तु अभी तक दिल्ली में एक भी केंद्र नहीं क्रियान्वित नहीं है| दिल्ली के अस्पतालों में सहायता केंद्र न होने कारण बलात्कार पीड़िता को अपने उपचार के लिए रात में अस्पताल दर अस्पताल भटकना पड़ा| ज़ाहिर है कि दिल्ली सरकार के बलात्कार पीड़ितों को सहायता देने के सारे दावे झूठे हैं|
उप-मुख्यमंत्री को सौंपे गये ज्ञापन में दिल्ली के सभी जिलों में जल्द से जल्द निर्भया केंद्र खोले जाने और उसका अच्छे तरीके से प्रचार किये जाने की मांग उठाई गयी| इसी सन्दर्भ में ज्ञात हो की केंद्र सरकार ने निर्भया केंद्रों को स्थापित करने के लिए आवंटित होने वाली राशी को 244.8 करोड़ से 18 करोड़ कर दिया है| केवाईएस और सी.एस.डब्ल्यू आने वाले दिनों में केन्द्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय का भी घेराव करेगा और निर्भया केंद्र को आवंटित होने वाली राशी में कमी किये जाने का जवाब मांगेगा, जिसके कारण देश भर में बलात्कार और हिंसा पीड़िताओं की स्थिति ख़राब बनी हुई है|




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