केवाईएस और (सी.एस.डब्ल्यू) ने दिल्ली पुलिस के पीड़िता-विरोधी रवैये के खिलाफ किया प्रदर्शन KYS and (CSW) protest against anti-victim attitude of Delhi Police



  • 5 साल की बलात्कार को अस्पताल दर अस्पताल घूमने को किया गया मजबूर
  • तुरंत अस्पताल प्रशासन और गाँधी विहार थानाध्यक्ष को बर्खास्त कर उनपर कड़ी कारवाई सुनिश्चित करने की उठायी मांग


नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  आज क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) और संघर्षशील महिला केंद्र (सी.एस.डब्ल्यू) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार मामले में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के महिला-विरोधी रवैये के खिलाफ प्रदर्शन किया| ज्ञात हो कि शनिवार को 5 वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ गाँधी नगर, शाहदरा में बलात्कार की घटना हुई थी| यह घटना तब संज्ञान में आई जब पीड़िता ने अपने माता-पिता को अपने शरीर में दर्द के बारे में बताया| इस घटना के पता चलने के बाद भी पीड़िता को दिल्ली प्रशासन द्वारा कोई भी एम्बुलेंस या यातायात व्यवस्था नहीं प्रदान की गयी| अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए गयी पीड़िता को डॉक्टर ने पहले पुलिस को बयान देने की बात कहकर, उसे लोक नायक अस्पताल जाने को कहा| ज्ञात हो रात में 12 किलोमीटर दूर लोक नायक अस्पताल ले जाने के लिए, पीड़िता के परिवार वालों को मोटरसाइकिल का प्रयोग करना पड़ा क्योंकि उसे अस्पताल द्वारा एम्बुलेंस नहीं दी गयी| पीड़िता की ख़राब स्थिति होने के बावजूद भी उसके लिए आपातकालीन कैट्स वैन मुहैया कराई गयी|

ज्ञात हो की इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस नदारद थी| बलात्कार पीड़ितों को जरूरी तौर पर दी जाने वाली यातायात सुविधा का भी उसने कोई इंतज़ाम नहीं किया| इस मामले का संज्ञान होते हुए भी उसने पीड़िता की कोई भी मदद नहीं की| ज्ञात हो कि जब चाचा नेहरु अस्पताल में पीड़िता को लोक नायक अस्पताल में जाने को कहा गया तब भी पुलिस ने पीड़िता को वहीं पर उपचार दिए जाने की कोई भी कोशिश नहीं की| ज्ञात हो कि निर्भया बलात्कार पीड़िता सहायता केंद्र के लिए केंद्र सरकार ने फण्ड निर्धारित किये हैं| परन्तु, दिल्ली के अस्पतालों में सहायता केंद्र न होने कारण बलात्कार पीड़िता को अपने उपचार के लिए रात में अस्पताल दर अस्पताल भटकना पड़ा| ज़ाहिर है की दिल्ली सरकार के बलात्कार पीड़ितों को सहायता देने के सारे दावे झूठे हैं|

इस तरह से एक पीड़िता को प्राथमिक उपचार के लिए भटकने को मजबूर करना हमारे समाज की असंवेदनशीलता साफ़ प्रदर्शित करता है| दिल्ली में 30 लाख गाड़ियाँ होने के बावजूद पीड़िता को एक भी गाड़ी नहीं मिल सकी जो अस्पताल ले जा सके| यहाँ तक कि पीड़िता को दूसरे अस्पताल भेजने वाले डॉक्टर ने भी पीड़िता को अपनी गाड़ी नहीं मुहैया कराई| ज्ञात हो सैकड़ों करोड़ प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस कमिश्नर इत्यादि के काफिले के लिए खर्च किये जाते हैं, परन्तु एक बलात्कार पीड़िता को गाड़ी मुहैया न कराकर प्राथमिक उपचार में भी देरी की गयी| बलात्कार पीड़िता की इस हालत के लिए हमारा पूरा समाज ज़िम्मेदार है|  

दिल्ली पुलिस कमिश्नर को कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल द्वारा दिए गये ज्ञापन में गाँधी नगर थानाध्यक्ष को तुरंत बर्खास्त कर उसके खिलाफ सख्त कारवाई करने की मांग की गयी है| साथ ही, पीड़िता को पुलिस द्वारा सहायता सुनिश्चित नहीं करने के लिए डिप्टी पुलिस आयुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त समेत सभी ज़िम्मेदार पुलिसकर्मियों पर सख्त कारवाई करने की मांग की गयी| इसके अतिरिक्त, पुलिस द्वारा चाचा नेहरु अस्पताल प्रशासन के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज कर उनको सख्त सज़ा दिलवाए जाने की मांग भी उठायी गयी| केवाईएस और सी.एस.डब्ल्यू आने वाले दिनों में दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस के हिंसा और बलात्कार पीड़िताओं के खिलाफ असंवेदनशील रवैये के खिलाफ अपना आन्दोलन तेज़ करेगा|



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