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मृतक का फाइल फोटो।
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साहिबाबाद, ( प्रमुख संवाददाता ) थाना लिंकरोड से 200 मीटर की दूरी पर दिनदहाड़े गांव महाराजुपुर के पूर्व पार्षद की पुलिस की पीसीआर के सामने ही गोली मार कर हत्या कर दी गयी। पूर्व पार्षद हाजी हारून पर गोलियों की बौछार होते देख वहीं मौके पर खड़ी पुलिस की पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मी बदमाशों को दबोचने के बदले डर कर भाग लिये। एसएसपी ने डरपोक तीनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। पुलिस की लावरवाहीे से नाराज गांव वालों ने लिंकरोड का यातायात जाम कर दिया तथा पुलिस के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। हत्या की बजह जमीनी विवाद बताया गया है।
जानकारी के अनुसार गांव महाराजपुर के पूर्व पार्षद हाजी हारून दोपहर 1.40 के आस पास अपने घर से मस्जिद की ओर जा रहे थे। तभी एक बाइक से हैल्मेट लगा कर आये दो बदमाशों ने उन पर दनादन गांलियों की बौछार शुरू कर दी। घायल हाजी हारून को तुरंत यशोदा अस्पाल कौशाम्बी ले जाया गया लेकिन वहां उनकी मौत हो गयी। हाजी हारून को चार गोली मारी गयी तथा सभी गोलियां सिर को निशाना बनाकर मारी गयीं थीं। हाजी हारून महाराजपुर वार्ड से लोकदल की टिकट से नगर निगम गाजियाबाद के पार्षद रहे हैं तथा उनकी पत्नी समीम बेगम भी इसी वार्ड से पार्षद रह चुकी हैं। हत्या की बजह जमीनी रंजिश बतायी जा रही है तथा पिछले महीने गांव महाराजपुर में हुई गोलीबारी की घटना से इस घटना को जोड़ कर देखा जा रहा है।
गौर तलव है कि घटनास्थल साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की थाना लिंक रोड जाने वाले मुख्यमार्ग पर है तथा थाने से महज 200 मीटर दूर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बीईएल के सामने है। बीईएल कंपनी के परिसर में ही एसबीआई बैंक की शाखा है, जहां एक पीसीआर पहले से ही खड़ी थी तथा पुलिस की एक गाड़ी तभी मौके से वहां से गुजरी थी। पीसीआर गाड़ी के पुलिसकर्मियों के सामने यह बारदात हुई लेकिन पुलिसकर्मियों ने बदमाशों का मुकाबला करने की बजाय वहां से भाग जाने में ही दिलचस्पी ली। पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने को बैंक में घुसे थेे। यह नजारा देख गांव वालों ने पुलिस के खिलाफ जम कर नारेबाजी की तथा लिंक रोड सहित साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र का मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। पुलिस को रास्ता खुलवाने के लिये भारी पुलिस बल मौके पर बुलानी पड़ी लेकिन लोग टस से मस नहीं हुए।
बाद में एसएसपी एचएन सिंह ने मामले की नजाकत को देखते हुए मौके से भागे तीनों पुलिसकर्मियों रंजीत, हरेन्दर तथा रामरतन को निलंबित कर दिया। तब अधिकारियों ने किसी तरह समझा बुझा कर रास्ता खुलवाया। गांव में तनाव बना हुआ है तथा एक ही समुदाय से जुड़ा यह मामला है। शांति व्यवस्था के लिये भारी पुलिस बल तैनात है।



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