- डी.एम.सी.ए ने मेट्रो किराया बढ़ोत्तरी को लेकर आप-भाजपा तकरार की कड़ी भर्त्सना की
- तकरार जनता को ठगने वाला एक राजनीतिक नाटक
- डी.एम.सी.ए ने मेट्रो यात्रियों के प्रतिनिधित्व समेत एक किराया समीक्षा कमिटी बिठाए जाने की मांग उठायी
नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) दिल्ली मेट्रो कमयूटर्स एसोसिएशन (डी.एम.सी.ए) आप और भाजपा की मेट्रो किराया बढ़ोत्तरी पर हो रही तकरार की कड़ी भर्त्सना करता है| उसका मानना है कि यह तकरार एक राजनीतिक नाटक है जिसके तहत दिल्ली की जनता के प्रति अपनी संवेदना दिखाकर यह पार्टियाँ उन्हें बेवाकूफ बनाना चाहती है|
ज्ञात हो कि किराया निर्धारण कमिटी ने किराया बढ़ोत्तरी पर जो रिपोर्ट दी थी, उसपर आप सरकार के प्रतिनिधि ने भी हस्ताक्षर किये थे और इस सम्बन्ध में आप सरकार ने कोई भी कदम नहीं लिया था| साथ ही, मई में हुई बढ़ोत्तरी के खिलाफ भी आप सरकार ने कुछ नहीं किया था| इसी प्रकार, केंद्र में भाजपा सरकार ने बढ़ोत्तरी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, परन्तु अब दिल्ली सरकार पर इसका दोषारोपण कर रही है| साथ ही, वो इस बात से भी राजनीतिक फायदा उठाना चाह रही है कि उसके प्रतिनिधि ने रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं किये थे|
डी.एम.सी.ए का मानना है कि यह बढ़ोत्तरी साफ़ तौर पर जापानी एजेंसी को मुनाफा पहुँचाने के लिए ही की गयी है|
जापानी एजेंसी द्वारा दिए गये ऋण की वापसी इस तरीके से निर्धारित की गयी है कि मूल ऋण से ज्यादा उसका ब्याज है और लम्बे समय में इससे जापानी एजेंसी को भारी मुनाफा मिलेगा| इसके अतिरिक्त, ऐसे ऋण के साथ अन्य शर्तें भी बाध्यकारी बनाये जाती हैं, जिससे ऋण देने वाली एजेंसी को बड़ा मुनाफा हो| साथ ही, अगर मेट्रो निर्माण और विस्तार के लिए भी वित्त जनता से लिए जाने वाले किराए से लिया जाएगा, तो मेट्रो में यात्रा करना नामुमकिन हो जाएगा और जापानी एजेंसी का मुनाफा और बढ़ेगा| मेट्रो एक जन सुविधा है और यात्रियों से सिर्फ यात्रा का किराया लिया जाना चाहिए| यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वो मेट्रो निर्माण और विस्तार में होने वाले खर्चे को वहन करे|
मई में हुई वृद्धि का सिर्फ डी.एम.सी.ए ने विरोध किया था और उस बढ़ोत्तरी के खिलाफ राजनीतिक पार्टियों ने कुछ नहीं किया था| डी.एम.सी.ए ने इस बढ़ोत्तरी के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है और अपने संघर्ष को और आगे ले जाने का निर्णय लिया है अगर उसकी मांगें जिसमे किराया समीक्षा कमिटी बिठाये जाने और किराया वापस लिये जाने शामिल हैं, को नहीं माना जाता है| अपने अभियान की कड़ी के तौर पर कल डी.एम.सी.ए मेट्रो भवन पर विरोध प्रदर्शन करेगा|



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