नई दिल्ली: 'पद्मावती' फिल्म को लेकर निर्देशक संजय लीला भंसाली और अभिनेत्री दीपिका पदुकोण को मिल रही धमकियों को ''बहुत दुर्भाग्यपूर्ण'' बताते हुए हिन्दी फिल्मों के अभिनेता आमिर खान ने कहा कि प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसा कोई समाधान नहीं है. अभिनेता का कहना है कि पद्मावती को लेकर हो रहे विवाद पर वह कोई सीधी टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे, लेकिन हिंसा कोई समाधान नहीं है.
एक इंटरव्यू में आमिर ने कहा, 'मुझे लगता है कि सभी को विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन मुझे लगता है कि ऐसे लोकतंत्र और देश में जहां हम विधि के शासन में विश्वास रखते हैं, किसी को भी किसी व्यक्ति को हिंसा की धमकी मिलना, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.' राजपूत समूहों और नेताओं के विरोध प्रदर्शन के कारण फिल्म की रिलीज टल गई है. सभी भंसाली पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं.
भंसाली का कहना है कि यह फिल्म 16वीं सदी के काव्य 'पद्मावत' पर आधारित है. दीपिका और भंसाली को जान से मारने की धमकियां मिलने के बाद मामला कुछ ज्यादा जटिल हो गया. आमिर का कहना है, 'इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप जीवन के किस क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं... फिल्मी दुनिया से हो या गैर फिल्मी हो... आप डॉक्टर हों, इंजीनियर हों, या फिर सरकारी नौकरी करते हों... जान से मारने की धमकी दिया जाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.' उन्होंने कहा, 'मैं इस सिद्धांत में विश्वास नहीं रखता.'



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