- गुस्सा फूटा सड़कों पर, सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने डीयू में निकाली रैली
- तुरंत आल-रूट बस पास और सभी सेंटरों पर लाइब्रेरी सुविधा की भी मांग उठायी
- छात्रों ने अपनी मांग न माने जाने पर आन्दोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी
नई दिल्ली, ( प्रमुख संवाददाता ) सैकड़ों की संख्या में रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में छात्रों ने क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के बैनर तले एसओएल प्रशासन के खिलाफ नार्थ कैंपस में विरोध रैली निकालीद्य ज्ञात हो कि इस वर्ष एसओएल छात्रो की कक्षाए अन्य सत्रों की तुलना में बहुत देरी से शुरू की गयी, जिसका परिणाम छात्रो को भुगतना पड़ा रहा है। एसओएल द्वारा छात्रो को अभी तक पाठ्यक्रम सामग्री उपलब्ध नहीं करायी गयी है, जबकि डीयू के रेगुलर कोर्सों में अभी अर्ध-वार्षिक परीक्षा चल रही है। ज्ञात हो कि छात्रो का एक बड़ा हिस्सा समाज के आर्थिक रूप कमजोर हिस्से से आता है और बाहर से मिलने वाली महंगी पाठ्यक्रम सामग्री खरीद पाने में असमर्थ हैं। प्रशासन द्वारा उन्हें पाठ्य सामग्री न दिया जाना, परीक्षा में उनके फेल होने का रास्ता सुनिश्चित कर रहा है।
ज्ञात हो कि छात्रों के बैठने के लिए उपलब्ध करायी गयी कक्षाओ की तुलना में छात्रो की संख्या अत्यधिक हैद्य इस कारण से सभी छात्र कक्षाओ में बैठकर पढ़ नहीं पाते है। इसके कारण छात्रो की कुछ पेपर की कक्षाएं छूट जाती है तथा छात्रो को गेट के बहार खड़े होकर अपनी कक्षाओ का इंतजार करना पड़ता हैद्य जो कक्षाएं दी भी गयी हैं उनमें 150-200 छात्रों को भर कर पढ़ाया जाता है, जो प्रशासन का इन छात्रों के प्रति उदासीन रवैया साफ प्रदर्शित करता है।
ज्ञात हो कि एसओएल छात्रों को रेगुलर कोर्स के छात्रों के समान आल रूट बस पास भी नहीं दिया जाता है। इसके पीछे उनकी कक्षाएं सिर्फ रविवार को होने का बहाना बनाया जाता है। परन्तु, वंचित घरों से आने वाले इन छात्रों को इन बस-पास की ज्यादा जरुरत हैद्य साथ ही, उन्हें स्टडी सेंटर पर मौजूद पुस्तकालय के इस्तेमाल से भी रोका जाता है, और तो और, जब छात्र कक्षाओं के बीच स्टडी सेंटर पर मौजूद पार्क में बैठते हैं, तो उनके साथ बदतमीजी कर उन्हें वहाँ से हटा दिया जाता है।
इन सभी मुद्दों को उठाते हुए छात्रों ने एसओएल प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में मांग की गयी है कि छात्रो को जल्द से जल्द पाठ्यक्रम सामग्री मुहैया करायी जाए, कक्षाओ की संख्या और बढाई जाए, सभी एसओएल छात्रो को रेगुलर के कोर्स के छात्रों के समान आल रूट बस पास दिया जाए, विभिन्न केन्द्रों के पुस्तकालय का इस्तेमाल एसओएल छात्रो को भी करने दिया जाए और रेगुलर छात्रों के समान एसओएल छात्रों को भी विश्वविद्यालय परिसर में बैठने की आजादी दी जाए। छात्रों के दबाव में प्रशासन ने उनकी मांगें मानने को मजबूर हुआ है। छात्रों ने अपनी मांगों पर जल्द कदम न उठाये जाने की स्थिति में प्रशासन के खिलाफ अपना आन्दोलन और भी तीव्र करने का संकल्प लिया है।




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