नई दिल्ली: राहुल गांधी कांग्रेस के नए अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं. उनके पक्ष में 89 नामांकन दाखिल किए गए थे. वह अपनी पार्टी के एकमात्र प्रत्याशी थे. उनके विरोध में किसी ने पर्चा दाखिल नहीं किया था. दोपहर तीन बजे तक नामांकन वापसी की अंतिम समयसीमा निर्धारित थी. उस अवधि के गुजरने के बाद राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष घोषित किया गया. कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव प्राधिकार (सीईए) के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने उनकी चुने जाने की घोषणा करते हुए कहा कि 16 तारीख को उनको इस आशय का प्रमाणपत्र दिया जाएगा. राहुल गांधी को अध्यक्ष चुने जाने का औपचारिक ऐलान होने के साथ ही 24, अकबर रोड स्थित पार्टी हेडक्वार्टर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जश्न शुरू हो गया.
रामचंद्रन ने बताया कि राहुल गांधी को हालांकि पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किये जाने का प्रमाण पत्र 16 दिसंबर को सोनिया गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सौंपा जाएगा. पार्टी सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी आधिकारिक तौर पर 132 साल पुरानी पार्टी की बागडोर अपने बेटे को 16 दिसंबर की सुबह तकरीबन 11 बजे सौंपेंगी. इसके बाद राहुल गांधी कांग्रेस मुख्यालय में देशभर के नेताओं से मिलेंगे.
राहुल गांधी की ताजपोशी के साथ ही पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव हो गया है. कांग्रेस के इतिहास में सर्वाधिक 19 सालों तक इस पद पर रही सोनिया गांधी 16 दिसंबर को औपचारिक तौर पर उन्हें बागडोर सौंपेंगी.यह बदलाव देश की सबसे पुरानी पार्टी में नये युग का आगाज करेगा. कांग्रेस पार्टी ने स्वतंत्रता के बाद से आधी सदी से अधिक समय तक देश पर शासन किया है. नेहरू-गांधी परिवार के वंशज 47 वर्षीय राहुल के सामने पार्टी की खोई हुई प्रतिष्ठा को लौटाने का कठिन काम है. पार्टी के सितारे हालिया वर्षों में गर्दिश में रहे हैं.
एक समय पूरे देश पर कांग्रेस का नियंत्रण था, लेकिन वर्तमान में सिर्फ पांच राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में उसकी सरकार है. कांग्रेस 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद एक के बाद एक विधानसभा चुनावों में हार का सामना कर रही है. हालांकि, उसे पंजाब विधानसभा चुनाव में जीत मिली थी. राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव का परिणाम आने से ठीक दो दिन पहले नियुक्त किया जाएगा.
राहुल ने गुजरात में कांग्रेस के लिये जोर-शोर से प्रचार किया है और अगर वह चुनाव में जीत हासिल करती है तो यह उनके लिये संजीवनी बूटी का काम करेगी. कई विश्लेषक गुजरात विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर होने की बात कह रहे हैं. कांग्रेस के एक नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''गुजरात में अच्छा नतीजा देना महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह राहुल गांधी के सामने पहली तात्कालिक परीक्षा है. उन्होंने राज्य में जोर-शोर से भाजपा के खिलाफ प्रचार अभियान का नेतृत्व किया है. हम गुजरात में जीत की उम्मीद कर रहे हैं.'' महिला कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता सुष्मिता देव ने कहा कि पार्टी का पुनर्गठन राहुल के लिये दूसरा बड़ा काम होगा.



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