गैरी कर्स्टन और आशीष नेहरा रायल चैलेंजर्स बेंगलूर के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी कोच बने - ashish nehra gary kirsten join rcb coaching setup vettori to remain head coach





बेंगलुरू: पूर्व भारतीय कोच गैरी कर्स्टन और हाल में संन्यास लेने वाले तेज गेंदबाज आशीष नेहरा को इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें टूर्नामेंट के लिए रायल चैलेंजर्स बेंगलूर का क्रमश: बल्लेबाजी और गेंदबाजी कोच बनाया गया है. लीग के दौरान कर्स्टन और नेहरा टीम के मेंटर की भूमिका भी निभाएंगे. कर्स्टन ने पिछले हफ्ते अनुबंध पर हस्ताक्षर किए. आईपीएल टीम के साथ यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा. इससे पहले 2015 में वह दिल्ली डेयरडेविल्स को कोचिंग दे चुके हैं.

आरसीबी ने न्यूजीलैंड के पूर्व स्पिनर डेनियल विटोरी को मुख्य कोच के रूप में बरकरार रखा है जो 2014 से टीम के साथ हैं. आईपीएल नीलामी 27 और 28 जनवरी को होनी है और ऐसे में ट्रेंट वुडहिल और एंड्रयू मैकडोनाल्ड की भूमिकाओं में बदलाव किया गया है.

वुडहिल को बल्लेबाजी प्रतिभा विकास, विश्लेषण और क्षेत्ररक्षण कोच बनाया गया है. इसके अलावा वह आफ सत्र के दौरान फ्रेंचाइजी के लिए प्रतिभा तलाशने वाली टीम के प्रमुख होंगे. पहले गेंदबाजी कोच की भूमिका निभा चुके मैकडोनाल्ड अब गेंदबाजी प्रतिभा विकास और विश्लेषण प्रमुख होंगे.


बता दें कि संन्यास लेने के बाद आशीष नेहरा हिंदी कमेंट्री करते हुए दिख रहे हैं. लेकिन अब वह आरसीबी के गेंदबाजी कोच की भूमिका में नजर आएंगे. इस टीम के कप्तान विराट कोहली ही हैं. अभी तक आईपीएल में आशीष नेहरा डेविड वॉर्नर की कप्तानी में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेला करते थे. हालांकि संन्यास के वक्त उन्होंने साफ कर दिया था कि वह अगले सीजन इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे. आईपीएल में हैदराबाद की टीम से जुड़ने से पहले आशीष नेहरा दिल्ली डेयरडेविल्स, मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भी खेल चुके हैं.

गौरतलब है कि आईपीएल के 10 सीजन खेलने के बाद भी आरसीबी अभी तक एक बार भी खिताब अपने नाम नहीं कर पाई है.  इस टीम के साथ अब आशीष नेहरा जुड़ गए हैं तो निश्चित रूप से वह टीम की तेज गेंदबाजी को नई धार देने में मदद जरूर करेंगे.


इंडियन प्रीमियर लीग में गैरी कर्स्टन को कोचिंग का अच्छा खासा अनुभव है. 2014 में तीन साल के लिए उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम के साथ करार किया था. हालांकि, दिल्ली का प्रदर्शन पहले दो सालों में अच्छा नहीं रहा जिसकी वजह से 2015 में मैनजमेंट ने करार खत्म कर लिया था.


साल 2008 में ग्रेग चैपल के जाने के बाद कर्स्टन भारतीय क्रिकेट टीम के कोच बन गए. उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने कॉफ़ी सफलता हासिल की. उनकी देखरेख में भारतीय टीम ने टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक का पायदान हासिल किया. कस्टर्न की सबसे बड़ी सफलता भारतीय टीम को विश्व कप दिलाना रहा. उनकी कोचिंग में ही साल 2011 में भारतीय टीम ने 28 साल बाद विश्व कप का खिताब जीता था.
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