आज से उज्जैन में RSS और BJP के बीच तीन दिवसीय समन्वय बैठक शुरू - rss bjp meeting mohan bhagwat ujjain amit shah





उज्जैन, मध्यप्रदेश: आज से उज्जैन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के बीच तीन दिवसीय समन्वय बैठक शुरू हो रही है. इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत हिस्सा लेंगे. बैठक में भारतीय जनता पार्टी के कई दिग्गज शामिल हो सकते हैं.

संघ प्रमुख मोहन भागवत उज्जैन में समन्वय बैठक के दौरान यह बताएंगे कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ देश के मौजूदा हालात को लेकर क्या विचार रखते हैं. भागवत यह तथ्य ऐसे समय में रखने जा रहे हैं जब हिमाचल और गुजरात चुनाव में भाजपा की जीत हुई है और इस साल आठ राज्यों में चुनाव होने हैं और ठीक उसके बाद लोकसभा चुनाव दस्तक देगा.

मोहन भागवत पिछले छह महीनों के दौरान देश के 21 प्रमुख शहरों में प्रवास कर चुके हैं. इस दौरान वह इन शहरों में व्यापारियों, उद्योगपतियों, पूर्व सैनिकों, नौकरशाहों, साहित्यकारों, कलाकारों, छात्रों, अध्यापकों, किसानों आदि से भेंट कर चर्चा कर चुके हैं. इन लोगों ने देश की मौजूदा स्थिति को लेकर जो चर्चा भागवत से की है उसका सार वह बैठक में शामिल होने वाले लोगों को देंगे.

इस बैठक में भाजपा के कुछ प्रमुख नेता भी शामिल होंगे. हालांकि बैठक में भाजपा अध्यक्ष की उपस्थिति अपेक्षित नहीं है. संघ से मिली जानकारी के मुताबिक मोहन भागवत उज्जैन में भारत माता मंदिर का उद्घाटन करने आए हैं. ऐसे प्रवास के दौरान वह स्थानीय प्रांत के आरएसएस के लोगों से मिलते हैं. यदि कोई केंद्रीय नेता भी मिलना चाहे तो वह चर्चा में शामिल हो सकता है लेकिन उसकी उपस्थिति अनिवार्य नहीं है.

अलबत्ता संघ में भाजपा का काम देख रहे कृष्ण गोपाल बैठक में शामिल होंगे. भाजपा महासचिव (संगठन) रामलाल भी बैठक में बुलाए गए हैं. हालांकि यह समन्वय बैठक नहीं है लेकिन जिस तरह से भागवत विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख हस्तियों से मिले हैं उसको लेकर यह बैठक काफी महत्वपूर्ण है.

खासकर ऐसे समय में जब आर्थिक और सामरिक मोर्चे पर आलोचक मुखर हो रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि बैठक के जरिए भागवत, भाजपा को कुछ नसीहत जारी करेंगे. संघ के सुझाव पर भाजपा ने कितना अमल किया और संघ तथा भाजपा में संभावित परिवर्तन को लेकर क्या विचार बन रहा है इस पर चर्चा हो सकती है. मार्च में होने वाली संघ प्रतिनिधि सभा की बैठक से पहले इन मुद्दों पर स्पष्ट राय कि हिमायत संघ प्रमुख कर सकते हैं.


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