वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर अपने कारोबार के सिलसिले में भारत आए हुए हैं. हालांकि ट्रंप जूनियर की यह यात्रा आधिकारिक नहीं निजी है. वह एक आम अमेरिकी नागरिक की हैसियत से भारत के दौरे पर हैं. जूनियन ट्रंप के भारत दौरे से अमेरिका में नाराजगी है. मोक्रेटिक सीनेटर रॉबर्ट ने भारत में अमेरिकी दूतावास को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने के लिये कहा है कि भारत की यात्रा पर गए अमेरिकी राष्ट्रपति के पुत्र को आवश्यक सुरक्षा के अतिरिक्त दूतावास कोई और विशेष सुविधा नहीं दे.
मेनेडेज्स ने एक पत्र लिखकर कहा कि वह डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के बुधवार के भाषण से चिंतित हैं, क्योंकि उनके भाषण से यह गलत संदेश जा सकता है कि ‘वह डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से बोल रहे हैं.’ अमेरिकी राष्ट्रपति के 40 वर्षीय पुत्र अपने कारोबार के सिलसिले में भारत यात्रा पर हैं. वह ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष हैं जो भारत के विभिन्न हिस्सों में हाई प्रोफाइल रीयल इस्टेट कारोबार से जुड़े हैं.
न्यूजर्सी के सीनेटर ने भारत में अमेरिकी दूत केनिथ जस्टर को पत्र लिखकर कहा, ‘कारोबार के सिलसिले में मिस्टर ट्रम्प की इस निजी यात्रा से यह भ्रम प्रबल होने की संभावना है कि उनकी यह यात्रा एक आधिकारिक उद्देश्य से हो रही है. मैंने यह पत्र सुनिश्चित करने के लिये लिखा है कि भारत में अमेरिकी दूतावास मिस्टर ट्रम्प की भारत में निजी यात्रा के दौरान उनके लिये आवश्यक सुरक्षा सहयोग के अतिरिक्त उन्हें या ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन के सहयोग में कोई भूमिका नहीं निभाये.’
अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘जीं हां, निश्चित रूप से हमलोग इस बात से अवगत हैं कि मिस्टर ट्रंप भारत में हैं. वह अमेरिकी सरकार के अधिकारी के तौर पर नहीं बल्कि एक आम अमेरिकी नागरिक की हैसियत से निजी यात्रा पर गये हैं.’



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