जवानों को अलंकरण प्रदान करते व विमोचन करते राजनाथ सिंह।
इंदिरापुरम, ( प्रमुख संवाददाता ) केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने शनिवार को इंदिरापुरम क्षेत्र स्थित बल के 5वीं आरक्षित वाहिनी परिसर में अपना स्वर्ण जयंती महोत्सव मनाया। समारोह के मुख्य अतिथि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने परेड की सलामी ली और बल के जवानों से 2022 के लिए आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए तैयार होने को कहा। अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि आज देश में साइबर सुरक्षा से बचने के लिए व सुरक्षा के लिए हमारे सुरक्षाबलों को सतर्क रहने और मजबूत सुरक्षा प्रणाली बनाने की जरूरत है।
कार्यक्रम के शुभारंभ में सबसे पहले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की निशान टोली ने परेड मैदान में मार्च पास्ट किया। बाद में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने परेड की सलामी ली इस अवसर पर अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि आज की परेड बहुत भव्य रही और उन्हें यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि परेड में शामिल लड़कियों की परेड पुरुषों से कम बेहतर नहीं थी।
उन्होंने बल के अधिकारियों से कहा कि वे बल में 33 फीसदी महिलाओं की भागीदारी करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा साइबर सुरक्षा के लिए बल को आधुनिक शिक्षा प्रणाली बनाने के लिए काम करें। राजनाथ सिंह से कहा कि बल की जिम्मेदारी दिनों दिन बढ़ती जा रही है हवाई अड्डे, समुद्री बंदरगाह, बिजली उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र, इस्पात, कोयला, खनन के अलावा दिल्ली मेट्रो, सरकारी भवनों, संग्रहालय, ऐतिहासिक विरासत जैसे ताजमहल और लालकिला आदि की सुरक्षा के अलावा नक्सल व उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र जम्मू कश्मीर आदि में बल के जवान शांति व्यवस्था का काम कर रहे हैं। इसके अलावा शांति काल में चुनावों को संपन्न कराने का काम भी जवान कर रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि यह अकेला ऐसा बल है कि यह बल राजकोष में भी धन जमा कराता है। यह धन बल के जवानों द्वारा निजी औद्योगिक भाइयों एवं अन्य प्रतिष्ठानों में तकनीकी प्रशिक्षण और मदद करने के मामले में प्राप्त करता है।
उन्होंने खुशी जाहिर की कि बल के जवान बहुत ही अनुशासित हैं तथा उनके व्यवहार की हर जगह तारीफ की जाती है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि हमारे देश की उत्पादन दर तेजी से बढ़ रही है और अर्थव्यवस्था की तेजी से बढ़ने में हमारे सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। मामला आंतरिक हो या बाहरी सुरक्षा के मामले में हमारे बल के जवान महत्वपूर्ण काम करते है, तभी देश आगे बढ़ता है।
बल के कार्यकारी डीजीपी एके पटेरियन ने बताया बल की स्थापना 1968 में हुई थी तब मात्र 3129 संख्या थी जो अब 154000 हो गई है। औद्योगिक सुरक्षा बल सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के अलावा निजी संस्थानों को भी अपनी सेवाएं दे रहा है। पिछले वर्ष गुड़गांव के एक विद्यालय में हुई घटना के बाद बल के द्वारा देश के 28 शैक्षणिक संस्थानों को सुरक्षा देने का प्रस्ताव स्वीकार किया है। सुरक्षा देने के मामले में प्राइवेट संस्थानों में इंफोसिस, रिलायंस रिफाइनरी, टाटा स्टील, पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क हरिद्वार आदि हैं।
इस अवसर पर बल के जवानों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया जिसमें मलखम्भ, मार्षल आर्ट, तलबार बाजी, अग्नि सुरक्षा, इलेक्ट्रिकल एवं आयल टैंकर में लगी आग को बुझाने का करतब दिखाया। बल के जवानों के कौशल प्रदर्शन में महिला कर्मियों ने भी अपना लोहा मनवा दिया जिसे देख कर के लोगों ने दांतोे के तले उंगली दबा ली।
फोटो कैप्षन- अपने बल कौशल का प्रदर्शन दिखाते बल के जवान।






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