नई दिल्ली: एक के बाद एक हो रहे लोन फ्रॉड के खुलासों से देश के बैंकों की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं. माल्या, नीरव, चोकसी जैसे नाम के साथ अब जेपी ग्रुप नाम जुड़ गया है. इस बार फ्रॉड का शिकार सरकारी नहीं बल्कि प्राइवेट सेक्टर का दिग्गज ICICI बैंक हुआ है. जेपी इंफ्रा के रेज्योलूशन प्रोफेशनल ने ICICI बैंक पर गंभीर आरोप लगाया है. बैंक पर धोखाधड़ी और गलत ट्रांजैक्शन के आरोप लगे हैं. जी बिजनेस को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, ये मामला जेपी एसोसिएट्स को जमीन के बदले लोन देने का है. ICICI बैंक पर आरोप लगा है कि उसने बगैर पूरी जांच पड़ताल के जेपी एसोसिएट्स को लोन दे दिया. बैंक ने ग्रुप को ऐसी जमीन के बदले लोन दिया जो कंपनी की नहीं थी.
दिवालिया कानून की प्रक्रिया से गुजर रही कंपनी जेपी इंफ्रा के रेज्योलूशन फ्रोफेशनल ने आरोप लगाया है कि धोखाधड़ी और गलत ट्रांजैक्शन के जरिए इसकी पेरेंट कंपनी जेपी एसोसिएट्स को कर्ज दिया गया. आरोप है कि ICICI बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के कंसोर्शियम ने जेपी इंफ्रा की जमीन के बदले उसकी पेरेंट कंपनी जेपी एसोसिएट्स लोन दिया. ICICI बैंक ने जेपी एसोसिएट्स को कुल 6,600 करोड़ का कर्ज दिया. वहीं, गिरवी रखी गई जमीन की वैल्यू करीब 5 से 6 हजार करोड़ रुपए है.
IRP ने ये आरोप इलाहाबाद NCLT में सुनवाई के दौरान लगाए. IRP ने लोन के लिए 858 एकड़ जमीन को गिरवी रखने को धोखाधड़ी बताया और आरोप लगाया कि ये घर खरीदारों की संपत्ती हड़पने का साजिश है. इस मामले की NCLT में 2 अप्रैल को सुनवाई हुई थी. IRP के सवालों पर NCLT ने ICICI बैंक से 7 दिनों में जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी.
जेपी एसोसिएट्स ने आरोपों का खंडन
हालांकि, जेपी एसोसिएट्स ने IRP के आरोपों का खंडन किया है. जेपी एसोसिएट्स के मुताबिक, कर्ज लेने के लिए सब्सीडियरी की जमीन का इस्तेमाल करना गलत नहीं है. NCLT ने जेपी एसोसिएट्स की गिरवी जमीन पर दिए लोन पर सवाल उठाए हैं.
जी बिजनेस के सवाल
क्या कर्ज़ देने से पहले ICICI Bank ने जांच नहीं की?
कैसे ICICI बैंक ने दूसरी कंपनी की ज़मीन पर जेपी एसोसिएट्स को लोन दे दिया?
जेपी एसोसिएट्स ने से भी है कि कैसे उसने डूबी हुई सब्सीडियरी की जमीन को गिरवी रख दिया?
इससे JP Infra के लेनदार, बैंक और खरीदार के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
कंसोर्शियम में शामिल SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे 12 बैंक क्या कर रहे थे?
जेपी पर कुल कितना कर्ज?
जेपी एसोसिएट्स का मार्केट कैप करीब 5,156 करोड़ है जबकि कंपनी पर कुल कर्ज 39 हजार करोड़ रुपए है. माल्या और नीरव जैसों के फ्रॉड से सरकारी बैंकों की साख पर सवाल उठे थे. तब बड़ी तादाद में लोगों ने बैंकिंग सेक्टर को प्राइवेट हाथों में देने की वकालत की थी. लेकिन, इस नए घोटाले ने देश की पूरी बैंकिंग सेक्टर को ही सवालों के घेरे में ला दिया है.



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