- बलात्कार पीडिता को न्याय में देरी के लिए जिम्मेदार उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री का माँगा इस्तीफा
- जम्मू में हुए बलात्कार कांड पर माँगा न्याय
- भाजपा सरकार द्वारा अपराधियों और बलात्कारियों को बचाने का माँगा जवाब
नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) केवाईएस कार्यकर्ताओं ने आज अन्य प्रगतिशील संगठनों के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुए बलात्कार में भाजपा एमएलए कुलदीप सिंह सेंगर को बचाने के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन किया| ज्ञात हो कि 7 अप्रैल को 16 वर्षीय लड़की और उसके परिवार ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर आत्मदाह करने का प्रयास किया था| उनकी मांग थी कि उन्नाव से चुने गए भाजपा एमएलए कुलदीप सिंह सेंगर और उनके भाई ने पिछले वर्ष जून में उनसे बलात्कार किया इसलिए उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए| उनका कहना था कि उन्होंने एमएलए और उनके भाई के खिलाफ लगातार एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया है लेकिन पुलिस में उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गयी| परन्तु इस मामले पर आश्चर्य की बात है कि घटना के तुरंत बाद यूपी पुलिस ने लड़की और परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया| यह बात भी सामने आई कि पुलिस ने एमएलए के भाई द्वारा भेजे गए गुंडों के साथ मिलकर लड़की के पिता को पीट-पीट कर मार डाला| लेकिन इसके बावजूद भी भाजपा अथवा राज्य सरकार की तरफ से कोई अधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है|
इसके साथ ही जनवरी माह में 8 वर्षीय बच्ची के बलत्कार की एक अन्य घटना ने भी महिला सुरक्षा के प्रति भाजपा की झूठी चिंता की पोल खोल दी है| उक्त घटना में जम्मू के बकेरवाल समुदाय की लड़की असीफा का अपहरण कर उसका बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गयी| बलात्कारी की गिरफ्तारी के बाद कठुआ इलाके में माहौल अस्थिर हो गया| आस-पास के इलाके में ‘हिन्दू एकता मंच’ द्वारा बलात्कारी की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन किया जाने लगा जिससे सांप्रदायिक दंगों की संभावनाएं बढ़ गयीं| ध्यान देने की बात है कि ‘हिन्दू एकता मंच’ इलाके के भाजपा नेताओं लाल सिंह चौधरी और चन्द्र प्रकाश गंगा द्वारा संचालित है| उन्होंने इस मामले पर बलप्रयोग कर पुलिस को इस मामले पर चार्जशीट नहीं दाखिल करने दिया| यहाँ तक की जम्मू बार एसोसिएशन ने 11 अप्रैल को जम्मू बंद का आह्वाहन भी किया और असीफा के वकील को कोर्ट परिसर में दाखिल होने से रोकने का प्रयास किया| ‘हिन्दू एकता मंच’ ने इस मामले पर हाथों में तिरंगा लेकर विरोध प्रदर्शन किया और बलात्कारी को बचाने की मांग की|
ध्यान देने की बात है कि विभिन्न राज्यों और केंद्र में भाजपा की सरकार के आने के बाद से महिलाओं पर हिंसा, जातिगत दबंगई, दलित और पिछड़ी जातियों पर हमले की घटनाएं बढीं हैं| बेहद शर्म की बात है कि कई मामलों पर भाजपा सरकार ने आरोपियों और अपराधियों को बचाने का प्रयास किया है| भाजपा सरकार ने चुनावों में पूरे देश के सामने बड़े-बड़े वादे किये लेकिन हरियाणा के भाजपा प्रमुख के बेटे ने ही लड़की के साथ छेड़-छाड़ की और अपहरण करने का प्रयास किया लेकिन उसे बचाने की भाजपा ने पूरी कोशिश की| इसी तरह यूपी में तो इससे कहीं बढ़कर सरकार ने न सिर्फ़ आरोपी एमएलए को बचाने का प्रयास किया बल्कि पीडिता के पिता को गिरफ्तार कर हवालात में पीट-पीट कर मर डाला|
केवाईएस की मांग है कि भाजपा शाषित यूपी के मुख्यमंत्री को महिला विरोधी रवैये की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए| साथ-ही-साथ जम्मू कश्मीर में हुए बलात्कार के मामले पर बलात्कारी के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले ‘हिन्दू एकता मंच’ को समाज-हित में बैन किया जाए और कानूनी कार्यवाई की जाए|




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