मनुष्य जीवन का लक्ष्य केवल परमात्मा की प्राप्ति हैः संत आत्माराम The goal of human life is only the attainment of God: Saint Atmaram



वसुंधरा, ( संवाददाता )  वसुंधरा सेक्टर - 3 के साॅंई धाम सोसायटी में आज श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन पूज्य पाद संत श्री आत्माराम जी ने नेमिसारण तीर्थ के विषय में बताया। आत्मदेव ब्राह्मण व धुन्धकारी की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि मोक्ष प्राप्ति का सरल और सुलभ साधन भगवत भजन और श्रवण है। 

उन्होंने कहा कि आत्मा ही आत्मदेव है और बुद्धि ही धुन्धली है। ये विषयों के आकर्षण में फंस जाती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने आप को भगवान को समर्पण कर देना चाहिए। जितना हम मोह, ममता, लोभ और लालच में फंसे रहेगे उतनी ही हमसे शांति दूर होती जायेगी। जो भक्त श्रद्धा से भागवत का श्रवण करता है, उसे मातृ - पितृ ऋण से मुक्ति तो मिलती ही है, वह आसानी से मोक्ष की प्राप्ति भी करता है। 

संत जी ने वह अमर कथा भक्तों को सुनाई जिसे कैलाश पर्वत पर सबसे पहले भगवान शिव ने पार्वती को सुनाई । उन्होंने कहा कि सात दिन तक मां पार्वती ने कथा का श्रवण किया, लेकिन उसी दौरान शुकदेव जी ने भी व्यास गद्दी के पीछे से यह कथा सुन ली थी। उन्होंने बताया कि मनुष्य के जीवन का लक्ष्य केवल परमात्मा की प्राप्ति के लिए ही है। कल शुकदेव जन्म और परिक्षित श्राप की कथा सुनाई जायेगी। 

इस मौके पर ललिता देवीनिमिष गौड़, चंचल भारद्वाज, कविता, उत्तरा, निर्मला देवी, हेमा त्यागी, सरोज शर्मा, चारू गुप्ता, ज्योति वाही, ममता शर्मा, ए के गुप्ता, आर पी गुप्ता, प्रकाश चंन्द शर्मा, अनिल सक्सेना, सुरेशचंद शर्मा, प्रदीप चैधरी, मयूर गुप्ता, वरून बंसल, प्रवीन वाही, रविन्द्र भंडारी, स्वर्ण भाटी, नितिन माथुर आदि भक्तो ने कथा श्रवण के साथ ही हर तरह की व्यवस्था में भी सहयोग किया।  




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