गाजियाबाद कहिन ..............
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| रितु महेश्वरी |
जब रितु महेश्वरी गाजियाबाद डीएम बन कर आयी थी, तब उनका पिछला रिकार्ड देखकर एक उममीद जगी थी कि गाजियाबाद की तस्वीर अब संवर जायेगी। जिले का विकास व सुरक्षा की समस्या दूर हो जायेगी। शुरू में आपके काम और शैली देखकर लगा कि जो सपना यहां के आवाम ने देखा है वह अब पूरा होने के तरफ अग्रसर है। बहुत कुछ ऐसे काम हुए जिसे देखकर लोग काफी प्रसन्न नजर आ रहे थे। क्षेत्र में आपके कार्यशैली की चर्चा भी जोरो पर हो रही थी। आपने तुफानी दौरा कर हर क्षेत्र में कार्य की प्रगति एवं आम लोगों तक सुविधाओं को पहुंचाने की पहल की उससे आपका जो सम्मान बढ़ा था वह काबिलेतारीफ है। आज भी लोग आपका उसी तरह सम्मान कर रहे हैं। लेकिन अब सम्मान के पीछे लेकिन, परन्तु जैसे शब्द लगना शुरू हो गया है। आप जिस तरह शुरू से ही अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए कानूनी कार्रवाईयां की हैं, उसे नकारा नहीं जा सकता। आये दिन अवैध निर्माण की तोड़ - फोड़ तथा सरकारी जमीन को मुक्त कराने का मामला अखबारों की सुर्खियां बनी रहती थी। ऐसे में आपसे इतनी बड़ी चुक कैसे हो गई ? यह चुक का ही नतीजा है कि मिसलगढ़ी ( आकाश नगर ) में रविवार को निर्माणाधीन 5 मंजिला इमारत के गिरने से 2 लोगों की मौत तथा 8 लोग घायल हो गए। जो एक्शन आज प्रशासन द्वारा लिया जा रहा है अगर इस तरह के एक्शन पहले ही ले ली गई होती तो ऐसी घटना कि नौबत ही नहीं आती। घटना के बाद प्रशासन का अलर्ट होना अभी भी काफी नहीं है, क्योंकि जब तक पूरी तरह गाजियाबाद अवैधनिर्माण से मुक्त नहीं होगा तब तक इससे भी बड़ी घटना की संभावना बनी रह सकती है। आज लोग नोएडा के शाहबेरी और मिसलगढ़ी के घटना के कुछ क्षेत्रों में दहशत बन गई है। हालांकि जिस तरह जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री घटना के बाद तुरंत एक्शन मोड में आये और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है, यह लोगों को राहत पहुंचा रहा है। दूसरी तरफ घअना की जांच कर रही मेरठ मंडल की कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम ने अवैध निर्माण पर सख्त रूख अपना लिया है। उन्होंने आदेश दिया है कि अगर अवैघ निर्माण के ध्वस्तीकरण का आदेश होने के बाद भी निर्माण चालू मिलता है तो संबंधित बिल्डर के साथ ही उस जोन के इंजीनियर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए। हालांकि इस आदेश के बाद जीडीए के प्रशासनिक अधिकारी कहते हैं कि मंडलायुक्त के इस आदेश के बाद अवैध निर्माण पर थोड़ा बहुत अंकुश लग सकता है। अभी तक 9 जोन में 94 इमारतों को सील करने, 4 कर्मचारियों को सस्पेंड करने तथा 6 अफसरों समेत 14 कर्मचारियों को दोषी पाये जाने तथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए शासन को लिखना पहली बार एक अच्छी पहल हैं। लेकिन ऐसी घटना जो आपके सम्मान पर ग्रहण लगा रहा हो, उसको अंतिम अंजाम तक पहुंचाना ही आम जन को आपसे अपेक्षा है।
संजय त्रिपाठी



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