- सांप्रदायिक मानसिकता और द्वेष को बढ़ावा देने के खिलाफ भाजपा सरकार की कड़ी भर्त्सना की
- नेताओं, सांप्रदायिक ताकतों और पुलिस के बीच गठजोड़ की छानबीन करने की उठायी माँग
नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) क्रान्तिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ताओं ने अन्य जनवादी संगठनों और दिल्ली के जनवादी लोगों के साथ मिलकर बीकानेर हाउस पर राजस्थान के अलवर में हुई सांप्रदायिक हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सेदारी निभाई। ज्ञात हो कि मेवात निवासी रक्बर खान पर सांप्रदायिक दंगाईयों ने हमला किया और बुरी तरह उनकी पिटाई की। कथित तौर पर यह हिंसा गौ-तस्करी के संदेह के कारण की गयी।
देश में भीड़ द्वारा सांप्रदायिक हमले बढ़े रहे हैं और सांप्रदायिक भीड़तन्त्र की गैर-कानूनी हरकतों को आरएसएस-भाजपा सरकार प्रोत्साहित कर रही है, ताकि देश में समुदायों के बीच नफरत को बढ़ाया जा सके। ज्ञात हो कि आज देश में आर्थिक संकट है और समाज के विभिन्न समुदाय, किसान और मजदूर अपनी आर्थिक व सामाजिक स्थिति सुधारने की मांग कर रहे हैं। मगर इन समस्याओं को सुलझाने की जगह आरएसएस-भाजपा सरकार सांप्रदायिक द्वेष और नफरत को बढ़ावा देकर जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटका रही है। अलवर की यह घटना इस तरह की अन्य घटनाओं में एक कड़ी है, जिनके कारण भाजपा सरकार के केंद्र में आने के बाद से ही मुसलमान अल्पसंख्यक समुदाय दहशत की स्थिति में रहने को मजबूर है। ज्ञात हो कि इस तरह की घटनाएँ बिना सरकार की खुली छूट के नहीं हो सकतीं।
केवाईएस इस घटना की जल्द से जल्द सीबीआई तहकीकात की मांग करता है और साथ ही सभी अपराधियों को सख्त सजा सुनिश्चित करने की भी माँग करता है। साथ ही राजनैतिक पार्टियों, नेताओं, सांप्रदायिक ताकतों और पुलिस के गठजोड़ को भी छानबीन का एक बिंदु बनाया जाना चाहिए, क्योंकि उनके बिना सांप्रदायिक घटनाएं इतना विकराल रूप नहीं पकड़ सकती हैं। इसके साथ ही देश के सभी जनवादी ताकतों और लोगों से क्रांतिकारी युवा संगठन यह आह्वान करता है कि सांप्रदायिक उन्माद के खिलाफ एकजुट हों।




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