विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन Organizing Legal Literacy Camp



गाजियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो  )  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजियाबाद सचिव दीपाली सिंह ने सूचित किया है कि उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के प्लान आफ एक्षन 2018-19 में दिये गये निर्देषानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजियाबाद के तत्वावधान में गिरजेश कुमार पाण्डेय, जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल निर्देषन में  जिला कारागार गाजियाबाद में विचाराधीन बंदियांे के लाभार्थ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें श्रीमती दीपाली सिंह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण्र,  दधिराम मौर्य, वरिष्ठ अधीक्षक जिला कारागार गाजियाबादर, नीरज श्रीवास्तव, डिप्टी जेलर,  मुकेश सैनी-सदस्य विधिक सहायता प्रकोष्ठ जिला कारागार गाजियाबाद एवं करीब 250 विचाराधीन बंदियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। 

मुकेष सैनी, सदस्य विधिक सहायता प्रकोष्ठ जिला कारागार द्वारा बताया गया कि वे माह में कम से कम 3 से 4 बार कारागार का विजिट करते हैं और विधिक सहायता प्रकोष्ठ में बैठक पराविधिक सेवकों के माध्यम से विचाराधीन बंदियों की शिकायतों का निस्तारण करते हैं । सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि जिन बंदियों का कोई पैरोकार नहीं है उनको जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क अधिवक्ता प्रदान किया जाता हेै । प्रत्येक सप्ताह जेल में विशेष अदालत का आयोजन किया जाता है । इसमें लघु शमनीय मामलों में बंदी जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर अपने मामलों का निस्तारण करा सकते हैं । ऐसे बंदी जिसने कारित अपराध के लिये अधिकतम सजा की आधे से अधिक अवधि व्यतीत कर ली है उन्हें धारा 436 ए दं.प्र.सं. के प्राविधानों का लाभ प्रदान किया जाता है । जेल में लीगल एड क्लिनिक स्थापित है, इसमें  4 दोष सिद्ध बन्दी पराविधिक स्वयंसेवक के रूप में कार्यरत हैं । किसी बंदी को किसी भी प्रकार की विधिक सहायता की आवश्यकता होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकता है । बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में सुना गया तथा यथासंभव उनकी समस्याओं का समाधान किया गया । कुछ बंदियों द्वारा अधिवक्ता दिये जाने हेतु कहा गया जिसके लिये जेलर को निर्देशित किया गया कि वे अविलम्ब प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करें जिससे उनको तत्काल अधिवक्ता प्रदान किया जा सके । इसके अतिरिक्त सचिव द्वारा बच्चा बैरक एवं महिला बैरक का निरीक्षण भी किया गया । अन्त में डिप्टी जेलर नीरज श्रीवास्तव द्वारा भविष्य में भी समय समय पर इसी प्रकार के विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किये जाने की अपेक्षा की गयी । 




Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment