मोतिहारी में प्रो. संजय कुमार पर हमले के खिलाफ एकजूट हुए शिक्षक संगठन Prof. Sanjay Kumar's Motihari unified teacher organization against attack



  • प्रो. संजय कुमार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष का केवाईएस करता है समर्थन
  • अपराधियों पर आईपीसी धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज करने की करता है माँग


नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस), शिक्षक संगठनों द्वारा मोतिहारी के महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संजय कुमार की बर्बरतापूर्वक पिटाई किये जाने के खिलाफ संघर्ष का समर्थन करता है। 

ज्ञात हो कि 17 अगस्त को प्रोफेसर संजय कुमार पर तथाकथित तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्यु पर उनकी आलोचना करने के कारण जानलेवा हमला किया गया। उनपर हमला करने वालों ने न सिर्फ उनकी बुरी तरह पिटाई की, बल्कि पेट्रोल डालकार हत्या करने का भी प्रयास किया। यह चैंकाने वाली बात है कि खुल्लेआम किये गए इस जानलेवा हमले में शामिल अपराधियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस मामले में पुलिस की संलिप्तता का संदेह और गुंडों को बचाने का प्रयास साफ जाहिर होता है क्योंकि दर्ज की गयी एफआईआर में आईपीसी धारा 307(हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज नहीं किया गया है।

ज्ञात हो कि प्रोफेसर कुमार महात्मा गाँधी केंद्रीय विश्वविद्यालय की भेदभावपूर्ण नीतियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं, खासकर प्रशासन की आरक्षण-विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना करते रहे हैं।
ज्ञात हो कि जिस फासीवादी भीड़ ने संजय कुमार पर हमला किया, उसे विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय मीडिया द्वारा भड़काया गया था। इस तरह की घटनाओं की केंद्र में बीजेपी शासन आने के बाद से ही बढ़ोत्तरी हुई है और फासीवादी गुंडों को अपना शोषणकारी एजेंडे को फैलाने की खुली छूट मिली है। जाति और धर्म के नाम पर लोगों में अलगाव पैदा करने और हिंसा फैलाने की इनकी कारवाई अब आतंकी कारवाई में बदल चुकी है।  देश के कई हिस्सों में उसने अपना वर्चस्व फैलाने के लिए और सरकारी नीतियों की आलोचना करने वाले लोगों पर हमला किया है।

बताना चाहेगे कि प्रोफेसर संजय कुमार पर हमले के विरोध में पिछली 20 अगस्त को क्रांतिकारी युवा संगठन ने भी प्रदर्शन किया था। साथ ही एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार भवन के अधिकारीयों को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर इस हमले के जिम्मेदार सभी लोगों को तुरंत पकड़ने की माँग उठायी थी।  केवाईएस का मानना है कि इस हमले के पीछे अपराधियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, स्थानीय पुलिस और मीडिया के गठजोड़ पर एक न्यायिक जांच बिठाया जाना चाहिए। इसके साथ ही सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी धारा 307 हत्या का प्रयास के तहत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। 



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