हिसार । हिसार के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने आज सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल, उसके बेटे वीरेन्द्र समेत 15 दोषियों को उम्रकैद और एक-एक लाख रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई है।
सतलोक आश्रम बरवाला में नवंबर 2014 में हुए प्रकरण में चार महिलाओं और एक बच्चे की मौत के केस नंबर-429 में गुरूवार सभी को कोर्ट ने दोषी करार दिया था 1 इन सभी को हिसार की सेंट्रल जेल-1 में लगी स्पेशल कोर्ट ने सज़ा सुनाई ।
कहा जा रहा है कि सजा के ऐलान से पहले ही रामपाल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। सजा के ऐलान को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।पिछली सुनवाई जेल के अंदर ही हुई थी. प्रशासन की ओर से इलाके में धारा 144 लगाई गई है। जिन मामलों में रामपाल को सजा सुनाई गई है, उनमें पहला केस महिला भक्त की संदिग्ध मौत का है, जिसकी लाश उनके सतलोक आश्रम से 18 नवंबर 2014 को बरामद की गई थी।
जबकि दूसरा मामला उस हिंसा से जुड़ा है जिसमें रामपाल के भक्त पुलिस के साथ भिड़ गये थे। इस दौरान करीब 10 दिन चली हिंसा में 4 महिलाएं और 1 बच्चे की मौत हो गई थी। 67 वर्षीय रामपाल और उसके अनुयायी नवम्बर, 2014 में गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद थे। रामपाल और उसके अनुयायियों के खिलाफ बरवाला पुलिस थाने में 19 नवम्बर, 2014 को दो मामले दर्ज किये गये थे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम हरियाणा के हिसार शहर को किले में तब्दील कर दिया गया है। किसी भी संभावित बवाल, हिंसा और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। हिसार जिले में धारा-144 लागू कर दी गई है। अदालत के चारों ओर तीन किलोमीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। इस सुरक्षा घेरे को भेदकर कोई भी बाहरी व्यक्ति अंदर प्रवेश नहीं कर सकेगा।



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