आवास आयुक्त से चर्चा करते किसान।
वसुन्धरा, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो ) ग्राम मोहिउद्दीनपुर कनावनी के किसानों ने बृहस्पतिबार को उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद के वसुन्धरा कार्यालय में जाकर संयुक्त आवास आयुक्त महेन्द्र प्रसाद के सामने अपनी मांगें रखीं तथा अपने साथ हो रही ज्यादतियों को बताया। मुख्य रूप से किसानों की मांग में बिना मुआवजा दिये जमीन कब्जा न लेना तथा किसानों को दुकान व भूखण्ड विस्थापित कोटे में देने आदि की थीं।
किसानों ने आवास आयुक्त से कहा कि विस्थापित कोटे में कुछ किसानों का भूखण्डों व दुकानों का रजिस्ट्रेशन अभी तक नही हुआ है तथा कुछ किसानों के लिये दुकानों का आवंटन बेसमेंट में किया गया है। किसान बेसमेंट की दुकानों को लेना नही चाहते। किसानों को दुकानों का आवंटन रद्द करते हुए रजिस्ट्रेशन बहाल किया जायें। किसान ब्रह्मसिंह ने कहा कि कुछ किसानों की जमीन जो सेक्टर 7 वसुन्धरा में हैं उसका प्रतिकर आज की तारीख तक नही दिया गया हैं तथा मौके पर भी कब्जा हम किसानों का ही बरकरार है। लेकिन आवास एवं विकास परिषद उस जमीन पर जबरदस्ती चार दीवारी कर रहा हैं, जो गलत है। इस भूमि का खसरा संख्या 102,115,116 है तथा रकबा लगभग 8000 वर्गगज है। किसानों की मांग है कि यदि उक्त जमीन को उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद् लेना चाहता है तो हम किसानों को नये कानून के तहत मुआवजा (प्रतिकर) दे।
किसानों ने यह आरोप लगाया कि परिषद के कुछ अधिकारी व कर्मचारी दशकों से कुछ फर्जी किसान नेताओं के हाथों की कठपुतली की तरह काम कर रहें हैं। इसी के चलते पिछले दिनों गुपचुप तरीके से छह भूखण्डों का आवंटन हो गया तथा ड्रा बिना किसी सूचना के हो गया। जबकि कुछ किसानों के भूखण्डों में पर्याप्त घनराशि जमा होने के बावजूद उक्त भूखण्डों का आवंटन रद्द कर दिया गया।
संयुक्त आवास आयुक्त ने कहा कि हम नही चाहते कि किसी भी किसान के साथ ज्यातती हो या कोई भी किसान परेशान हो। वे मांग-पत्र व सभी मुद्दों पर विचार करेंगै और आवश्यक कार्रवाई होगी। मांग पत्र देने बालों में मुख्य रूप से कैलाश चंद नागर, श्रीचन्द नागर, भगवत सिंह, सुन्दर सिंह, दयाचन्द, जयपाल सिंह, हरवीर सिंह, जसवन्त, खेमचन्द, धरमवीर, उदय, पवन आदि मौजूद थे।




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