नयी दिल्ली, ( शांतिदूत न्यूज नेटवर्क ) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज कहा कि विकास के क्रम में पीछे छूटे लोगों को मुख्य धारा में लाने के लिए मौजूदा सरकार ने कई कदम उठाये हैं। इन कदमों से यह उम्मीद बनती है कि ‘न्यू इंडिया’ में कोई विकास से अछूता नहीं रहेगा।
श्री कोविंद ने यहाँ राष्ट्रपति भवन में एक किताब के लोकार्पण के मौके पर यह बात कही। उन्होंने कहा “इस सरकार ने बुनियाद मजबूत करने के लिए कुछ कार्यक्रम शुरू किये हैं तथा संकल्पित प्रयास किये हैं ताकि गरीबी को हराया जा सके और अब तक सुविधाओं तथा सेवाओं से वंचित लाखों लोगों का जीवन स्तर बेहतर बनाया जा सके।”
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाह परिषद् के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक अनिर्बन गांगूली और परिषद् के विशेष सेवा अधिकारी किशोर देसाई द्वारा संपादित पुस्तक “मेकिंग ऑफ न्यू इंडिया रू ट्रांसफॉर्मेशन फॉर्मूला अंडर मोदी गवर्नमेंट” का लोकार्पण किया और इसकी पहली प्रति श्री कोविंद को भेंट की।
किताब की प्रति प्राप्त करने के बाद राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की विकास गाथा में अब तक पिछड़े सामजिक-आर्थिक समूहों, समुदायों एवं क्षेत्रों को मुख्य धारा में लाने के लिए कई कदम उठाये गये हैं। मुद्रा योजना और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योगों तक पहुँच के कार्यक्रम ऐसे उदाहरण हैं जिससे लाखों लोग समर्थ हुये हैं। वे रोजगार चाहने वालों से रोजगार देने वाले बन गये हैं।
उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में भारत उड़ान भरने के लिए तैयार है। भ्रष्टाचार तथा जटिल सरकारी प्रक्रियाओं सरीखी वर्षों पुरानी चुनौतियों को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाये गये हैं। पारदर्शी तथा कानून आधारित प्रशासन के रास्ते खोले गये हैं, नियमक बाधाओं को दूर किया गया है, अनावश्यक कानून समाप्त किये गये हैं और कारोबारी वातावरण सरल बनाया गया है।



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