स्वामी दीक्षानंद का फाइल चित्र।
सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो
साहिबाबाद। समर्पण शोध संस्थान राजेन्द्र नगर के संस्थापक एवं वेदों के प्रकांड विद्वान स्वामी दीक्षानंद सरस्वती का जन्मोत्सव ऑनलाइन मनाया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि रहेजा डेवलपर के चेयरमैन नवीन रहेजा ने बताया कि स्वामी दीक्षानंद धीर, गम्भीर, सौम्य व वेदों के मनीषी थे। उनके 102 वें जन्म दिवस पर उनके आदर्शो को जीवन में अपनाने का हमें संकल्प लेना चाहिए। वेदों के रास्ते पर चलकर ही विश्व में शान्ति स्थापित हो सकती है। अग्निहोत्री धर्मार्थ ट्रस्ट के प्रधान दर्शन अग्निहोत्री ने उन्हें वेदों का प्रसारक बताया, उन्होंने कहा कि उनके दुर्लभ साहित्य का प्रकाशन करने की जरूरत है। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने बताया कि आर्य जगत में बड़े बड़े बहुकुण्डिय यज्ञों का शुभारंभ स्वामी दीक्षानंद ने ही शुरू किया था। वे किसी परिचय के मोहताज नहीं , अपितु वह समूचे समाज के थे। उनका सम्पूर्ण जीवन समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित रहा।
वैदिक विद्वान आचार्य गवेन्द्र शास्त्री ने कहा कि स्वामी दीक्षानंद ने अपना पूरा जीवन यज्ञ, महर्षि दयानंद व वेदों के प्रचार के लिए समर्पित कर दिया था। प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि स्वामी जी का सान्निध्य हमें काफी समय तक मिलता रहा ,वे एक निराले व्यक्तित्व के धनी थे जिनसे सभी प्रभावित हो जाते थे।
समारोह अध्यक्ष प्रमोद चैधरी ने कहा कि स्वामी जी के वैदिक प्रकाशन का कार्य अद्भुत था, जिसे जारी रखने की आवश्यकता है। अपने मधुर भजन द्वारा श्रीमती प्रवीण आर्या व सुकृति माथुर ने स्वामी जी को श्रृद्धा सुमन अर्पित किए।
इस मौके पर प्रमुख रूप से सर्वश्री महेंद्र भाई, सौरभ गुप्ता, आनन्द प्रकाश आर्य (हापुड़), ओम सपरा, अभिमन्यु चावला, ईश आर्य, यशोवीर आर्य, सुरेंद्र शास्त्री, वीना वोहरा, डॉ विवेक कोहली, प्रकाशवीर शास्त्री, ओमबीर सिंह,धर्म पाल आर्य, सुरेंद्र बुद्धिराजा आदि उपस्थित थे।



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