- छात्र संगठनों ने डीयू कुलपति को संयुक्त ज्ञापन सौंपकर इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने आज एसएफआई, पछास, कलेक्टिव एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर दिल्ली विश्वविद्यालय के ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा कराने के निर्णय के खिलाफ आर्ट्स फैकल्टी पर प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सभी सुरक्षात्मक एहतियात जैसे शारीरिक डिस्टेन्सिंग इत्यादि का पालन किया गया। सभी मौजूद छात्र संगठनों की तरफ से डीयू कुलपति के नाम एक ज्ञापन देकर तुरंत इस फैसले को वापस लेने की मांग उठाई गयी।
ज्ञात हो कि विभिन्न कालेजों, विश्वविद्यालयी विभागों डूटा और छात्र संगठनों द्वारा करवाए गए सर्वे में छात्रों और शिक्षकों ने ओपन बुक परीक्षा के प्रति अपनी व्यापक समस्याएँ जताई हैं। इन सर्वेक्षणों से साफ जाहिर है कि न छात्र और न ही शिक्षक ऑनलाइन परीक्षा के पक्ष में हैं। साथ ही, लॉकडाउन और कोरोना महामारी के चलते छात्रों और उनके परिवारों को हो रही समस्याएँ भी इन सर्वेक्षणों के माध्यम से डीयू प्रशासन को ज्ञात कारवाई गई हैं। परंतु, डीयू प्रशासन छात्रों की समस्याओं पर उदासीन रवैया अख्तियार किए हुए है, जिससे साफ दिखता है कि डीयू प्रशासन छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल रहा है।
छात्रों को हो रही परेशानियों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है और उसके द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश इस बात के द्योतक हैं। सिर्फ एक बार कहकर लिए जा रहे कदमों से छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है। डीयू प्रशासन के अनुसार जो छात्र ऑनलाइन परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे, उनके लिए परंपरागत तरीके से बाद में परीक्षाएँ कारवाई जाएंगी, जिसके बारे में उन्हें सितंबर में सूचित किया जाएगा। इस तरह से अलग-अलग पद्धति द्वारा छात्रों का मूल्यांकन करने से एक तो सभी के लिए समान मापदंड का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, बल्कि छात्रों को समानता के अवसर के भी वंचित किया जा रहा है।
केवाईएस मांग करता है कि सभी रेगुलर और कॉरेस्पोंडेंस छात्रों के व्यापक हित को देखते हुए डीयू द्वारा ऑनलाइन / ओपन बुक परीक्षा आयोजित करने के फैसले को वापस लिया जाना चाहिए। इसके अलावा, शिक्षकों और छात्रों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही परीक्षाओं के संबंध में कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।




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