रमा रमण को हाईकोर्ट का झटका, 3 पोस्ट एक साथ संभाल रहे थे - High court removed noida authority ceo rama raman

पिछले 6 सालों से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पद संभाल रहे सीनियर आईएएस अफसर रमा रमण को सभी पदों से हटा दिया गया है. फिलहाल सरकार ने उन्हें वेटिंग में रखा है. इसके साथ ही प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा और कड़ी रही मोनिका गर्ग को नोएडा के सीइओ का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है. रमा रमण 2009 में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ बने थे, फिर 2011 में ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी के चेयरमैन भी बनाए गए.

दरअसल रमा रमण पिछले 6 सालों से नोएडा में थे. इनकी तैनाती को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें अभी भी सुनवाई चल रही है. पिछले दिनों इन्हे अध्यक्ष पद से हटाया गया था. लेकिन सीओ का चार्ज इन्हीं के पास बरकरार था. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रमा रमण के एक साथ 3 पोस्ट संभालने पर आपत्ति दर्ज की थी. सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र गोयल की याचिका पर हाईकोर्ट का ये फैसला आया था.

कुछ दिन पूर्व इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि प्रदेश सरकार रमा रमण का 2 हफ्ते में ट्रांसफर करे. खास बात यह है कि चाहे मायावती सरकार हो या फिर अखिलेश यादव सरकार, सभी पर आईएएस रमा रमण का जादू हमेशा चलता रहा. नोएडा, ग्रेटर नोएडा या फिर यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण में चाहे जितने भी बड़े घोटाले हुए हो, लेकिन रमा रमण की कुर्सी नहीं हिली थी.
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