ऋण स्वीकृति में विलम्व करने वाले बैकों के विरूद्व कार्यवाही की जायेगी
गाजियाबाद, (संवाददाता) जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वरोजगार कार्यक्रम में पात्र लाभार्थियों के ऋण वितरण में शिथिलता बरतने वाले बैकर्स को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि जिन बैकों को जो लक्ष्य निर्धारित किये गये है वह निर्धारित समय में पूरा करें, अन्यथा उनके विरूद्व सख्त कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने लीड बैकं मैनेजर से कहा कि कार्यक्रम के तहत प्रति माह कम से कम 200 आवेदन पत्रों पर ऋण स्वीकृत करके समय से वितरण सुनिश्चित किया जाये।
जिलाधिकारी आज स्थानीय कलेक्टेªट सभाकक्ष में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की परियोजना स्वरोजगार कार्यक्रम की प्रगति समीक्षा कर रही थी। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियो के पास निजी मकान व दुकान न होने की स्थिति में कुछ बैकों द्वारा आपत्तियाॅ लगाई जा रही है जो गलत है, यदि पात्र व्यक्ति किरायेदारी का प्रमाण-पत्र देता है तो उसे स्वीकार करके ऋण स्वीकृत कर दिया जाये। यह अवश्य सुनिश्चित करें कि गलत प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने वाले योजना के अन्तर्गत लाभ न उठाने पाये।
जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने परियोजना अधिकारी डूडा इन्द्रसेन सिंह को निर्देशित किया कि जिन लाभार्थियों का ऋण स्वीकृत किया गया है, उन्होंने ऋण का सद्उपयोग कर रोजगार का कार्य प्रारम्भ कर दिया है या नही इसका मौके पर जाकर सत्यापन अवश्य करें । यदि किसी लाभार्थी ने ऋण प्राप्त करके भी स्वरोजगार प्रारम्भ नही किया है तो उसे नोटिस देकर बैकं से अगली किस्त रूकवा दें। केसरवानी ने बैंकर्स को निर्देशित किया है कि ऋण स्वीकृत करने के बाद उसका वितरण भी शीघ्र अति शीघ्र सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृष्णा करूणेश ने कहा कि लाभार्थियों के आय प्रमाण-पत्र की जांच यदि बैंकर्स आवश्यक समझे तो इन्टर नेट से सत्यापित कर लें, लेकिन ऋण स्वीकृति के कार्य में बिलम्व न करें।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी डूडा ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिले में कुल 775 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला है। जिसके सापेक्ष 1511 आवेदन पत्र विभिन्न बैकों को भेजे जा चुके है।
गाजियाबाद, (संवाददाता) जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वरोजगार कार्यक्रम में पात्र लाभार्थियों के ऋण वितरण में शिथिलता बरतने वाले बैकर्स को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि जिन बैकों को जो लक्ष्य निर्धारित किये गये है वह निर्धारित समय में पूरा करें, अन्यथा उनके विरूद्व सख्त कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने लीड बैकं मैनेजर से कहा कि कार्यक्रम के तहत प्रति माह कम से कम 200 आवेदन पत्रों पर ऋण स्वीकृत करके समय से वितरण सुनिश्चित किया जाये।
जिलाधिकारी आज स्थानीय कलेक्टेªट सभाकक्ष में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की परियोजना स्वरोजगार कार्यक्रम की प्रगति समीक्षा कर रही थी। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियो के पास निजी मकान व दुकान न होने की स्थिति में कुछ बैकों द्वारा आपत्तियाॅ लगाई जा रही है जो गलत है, यदि पात्र व्यक्ति किरायेदारी का प्रमाण-पत्र देता है तो उसे स्वीकार करके ऋण स्वीकृत कर दिया जाये। यह अवश्य सुनिश्चित करें कि गलत प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने वाले योजना के अन्तर्गत लाभ न उठाने पाये।
जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने परियोजना अधिकारी डूडा इन्द्रसेन सिंह को निर्देशित किया कि जिन लाभार्थियों का ऋण स्वीकृत किया गया है, उन्होंने ऋण का सद्उपयोग कर रोजगार का कार्य प्रारम्भ कर दिया है या नही इसका मौके पर जाकर सत्यापन अवश्य करें । यदि किसी लाभार्थी ने ऋण प्राप्त करके भी स्वरोजगार प्रारम्भ नही किया है तो उसे नोटिस देकर बैकं से अगली किस्त रूकवा दें। केसरवानी ने बैंकर्स को निर्देशित किया है कि ऋण स्वीकृत करने के बाद उसका वितरण भी शीघ्र अति शीघ्र सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृष्णा करूणेश ने कहा कि लाभार्थियों के आय प्रमाण-पत्र की जांच यदि बैंकर्स आवश्यक समझे तो इन्टर नेट से सत्यापित कर लें, लेकिन ऋण स्वीकृति के कार्य में बिलम्व न करें।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी डूडा ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिले में कुल 775 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला है। जिसके सापेक्ष 1511 आवेदन पत्र विभिन्न बैकों को भेजे जा चुके है।


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