एशियन फुटबाल परिसंघ (एएफसी) देश के दिग्गज फुटबाल क्लब ईस्ट बंगाल और मोहन बागान के क्लब लाइसेंस को रद्द कर सकते हैं. फुटबाल क्लब ईस्ट बंगाल और मोहन बागान के पास कोई भी लाइसेंस प्राप्त कोच नहीं हैं. लेकिन एएफसी के क्लब लाइसेंस के नए नियमों के मुताबिक जिस फुटबाल क्लब के पास लाइसेंस प्राप्त प्रशिक्षक होंगे उन्ही क्लब को लाइसेंस प्राप्त होगा, और एएफसी चैम्पियंस लीग में खेलने की अनुमति होगी. हालाँकि क्लबों को अपने लाइसेंसिंग दस्तावेज 22 सितंबर तक जमा करने हैं.
अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) की ओर से गुरुवार को क्लब लाइसेंसिंग पर आयोजित कार्यशाला में दोनों क्लबों को इससे अवगत कराया गया. हालांकि अंदरूनी सूत्रों ने बताया है कि दोनों क्लबों पर इसका तत्काल प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि दोनों ही क्लब एशिया के इस सबसे बड़े लीग टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले रहे हैं.
लेकिन दोनों क्लबों को अगले सत्र तक यह मानक पूरे करने पड़ेंगे. हालांकि दोनों क्लबों को राष्ट्रीय क्लब लाइसेंस हासिल करने में कोई समस्या नहीं होगी और वे आई-लीग में भी हिस्सा ले सकेंगी. मोहन बागान को एएफसी कप में भी खेलने का मौका मिल सकता है.
कार्यशाला से इतर एक अंदरूनी सूत्र ने आईएएनएस को बताया, "इसी वर्ष नियमों में बदलाव किया गया है. क्लबों को चैम्पियंस लीग में हिस्सा लेने के लिए लाइसेंस प्राप्त प्रशिक्षकों की नियुक्ति करनी होगी."
मोहन बागान के वित्त सचिव देबाशीष दत्ता ने कहा, "नए नियम अगले वर्ष से लागू होंगे. इस वर्ष कोई परेशानी नहीं है."
अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) की ओर से गुरुवार को क्लब लाइसेंसिंग पर आयोजित कार्यशाला में दोनों क्लबों को इससे अवगत कराया गया. हालांकि अंदरूनी सूत्रों ने बताया है कि दोनों क्लबों पर इसका तत्काल प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि दोनों ही क्लब एशिया के इस सबसे बड़े लीग टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले रहे हैं.
लेकिन दोनों क्लबों को अगले सत्र तक यह मानक पूरे करने पड़ेंगे. हालांकि दोनों क्लबों को राष्ट्रीय क्लब लाइसेंस हासिल करने में कोई समस्या नहीं होगी और वे आई-लीग में भी हिस्सा ले सकेंगी. मोहन बागान को एएफसी कप में भी खेलने का मौका मिल सकता है.
कार्यशाला से इतर एक अंदरूनी सूत्र ने आईएएनएस को बताया, "इसी वर्ष नियमों में बदलाव किया गया है. क्लबों को चैम्पियंस लीग में हिस्सा लेने के लिए लाइसेंस प्राप्त प्रशिक्षकों की नियुक्ति करनी होगी."
मोहन बागान के वित्त सचिव देबाशीष दत्ता ने कहा, "नए नियम अगले वर्ष से लागू होंगे. इस वर्ष कोई परेशानी नहीं है."



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