अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कड़े विरोध के बाद बुधवार को दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली के अपने विवादास्पद प्रस्ताव को वापस ले लिया. बीसीसीआई को इसमें श्रीलंका, जिम्बाब्वे और बांग्लादेश का समर्थन मिला था.
दुनिया के सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर शुरू से ही इस कदम की कड़ी आलोचना कर रहे थे. उन्होंने इसे वित्तीय रूप से कमजोर देशों के लिये हानिकारक और प्रतिगामी कदम बताया था. उन्होंने आईसीसी के फैसले का स्वागत किया. ठाकुर ने कहा, ‘मैं आईसीसी के सदस्यों का आभारी हूं जिन्होंने हमारी बात को समझा और इस प्रस्ताव को हटाने का फैसला किया. विश्व क्रिकेट का प्रमुख हितधारक होने के नाते बीसीसीआई सबको साथ लेकर चलने के अपने दृष्टिकोण पर कायम रहेगा और सुनिश्चित करेगा कि हर किसी के हित और क्रिकेट के विकास से समझौता नहीं हो.’
आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, ‘दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली के प्रस्ताव पर मुख्य कार्यकारियों की समिति (सीईसी) की दुबई में दो दिवसीय बैठक के दौरान चर्चा हो सकती थी लेकिन चार सदस्यों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए उसे हटा दिया गया है. आईसीसी अब इस पूरे पहलू पर नए सिरे से गौर करेगी.’
दुनिया के सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर शुरू से ही इस कदम की कड़ी आलोचना कर रहे थे. उन्होंने इसे वित्तीय रूप से कमजोर देशों के लिये हानिकारक और प्रतिगामी कदम बताया था. उन्होंने आईसीसी के फैसले का स्वागत किया. ठाकुर ने कहा, ‘मैं आईसीसी के सदस्यों का आभारी हूं जिन्होंने हमारी बात को समझा और इस प्रस्ताव को हटाने का फैसला किया. विश्व क्रिकेट का प्रमुख हितधारक होने के नाते बीसीसीआई सबको साथ लेकर चलने के अपने दृष्टिकोण पर कायम रहेगा और सुनिश्चित करेगा कि हर किसी के हित और क्रिकेट के विकास से समझौता नहीं हो.’
आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, ‘दो स्तरीय टेस्ट प्रणाली के प्रस्ताव पर मुख्य कार्यकारियों की समिति (सीईसी) की दुबई में दो दिवसीय बैठक के दौरान चर्चा हो सकती थी लेकिन चार सदस्यों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए उसे हटा दिया गया है. आईसीसी अब इस पूरे पहलू पर नए सिरे से गौर करेगी.’



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