भारतीय तटों पर बुधवार को दुनिया की सबसे बड़ी सुनामी मॉक ड्रिल की शुरुआत हुई। बुधवार और गुरुवार दोनों दिन चलने वाली इस ड्रिल में दुनिया के 23 देश हिस्सा ले रहे हैं। देश के सात राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के तटीय इलाकों को इसमें शामिल किया गया है। इसमें करीब 10 हजार वॉलेंटियर्स भाग ले रहे हैं।
चेतावनी जारी होने के बाद 40 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। इस दौरान इसके 15 घंटे से भी ज्यादा समय तक इसके चलने की संभावना है। इसके जरिए सुनामी के खतरे से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया जाएगा।
चेतावनी जारी होने के बाद 40 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। इस दौरान इसके 15 घंटे से भी ज्यादा समय तक इसके चलने की संभावना है। इसके जरिए सुनामी के खतरे से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया जाएगा।
यूनेस्को का अंतरसरकारी ओशियनोग्राफिक कमिशन (आईओसी) इस मॉक ड्रिल का आयोजन करा रहा है। इसमें गृह मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी भाग ले रहे हैं। इस ड्रिल का नाम ‘आईओवेव-16’ रखा गया है। भारत के अधिकतर समुद्रतटीय इलाकों में भूकंप आने की संभावना बनी रहती है।



0 comments:
Post a Comment