पाकिस्तान ने बुधवार को एक बार फिर कश्मीर के मामले में दखल देते हुए उसे अपना महत्वपूर्ण मसला बताया और कहा कि पाकिस्तान घाटी के लोगों का राजनयिक और नैतिक मोर्चे पर साथ देता रहेगा।
पाकिस्तान के अखबार ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के मुताबिक सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने कहा कि वह आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए कश्मीर के लोगों के बलिदान को सलाम करते है। इस समस्या का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को लागू करने में ही निहित है। पाकिस्तान कूटनीतिक और नैतिक मोर्चे पर कश्मीर का साथ देता रहेगा। कश्मीर पाकिस्तान के ‘गले की नस’ है।
उन्होंने पाकिस्तान के रक्षा दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैं पाकिस्तान के दुश्मनों के समक्ष यह साफ कर देना चाहता हूं कि पहले हमारी सेना काफी मजबूत थी लेकिन अब यह अपराजेय है।
उन्होंने कहा कि हमें अपने दुश्मनों के षड्यंत्र और मंसूबे पता है। चाहे यह चुनौती सैन्य हो या कूटनीतिक, सीमा पर हो या देश के अंदर। हम अपने दोस्तों और दुश्मनों के बारे में अच्छी तरह जानते है।
चीन और पकिस्तान की दोस्ती का जिक्र करते हुये जनरल शरीफ ने कहा कि दोनों देशों की देस्ती आपसी सम्मान और समानता के सिद्धांत पर अधारित है। चीन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरने वाला आर्थिक गलियारा बना रहा है जिस पर उन्होंने कहा कि इस परियोजना में किसी बाहरी शक्ति को रास्ते में बाधा नहीं डालने देंगे, उसके खिलाफ हर प्रयास को सख्ती से निपटा जाएगा।
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन में जी 20 के सम्मेलन के दौरान हुई चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का मामला उठाते हुए इसे भारतीय सीमा का अतिक्रमण बताया था।



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