सहारनपुर रैली के मायने Saharanpur rally counts

सपा सुप्रीमो मायावती की सहारनपुर रैली 2017 के चुनाव के मध्येनजर अपना कई प्रभाव छोड़ गया है । यह रैली जहां बीजेपी को यह संदेश देने का काम कर रहा है कि गढ़ अभी भी बसपा के कब्जे में है, चाहे इसमें परिवर्तन कोई भी हुआ हो , वहीं सपा और कांग्रेस को भी अपने आमद का एहसास करता है । इस रैली में जुटी भीड़ से जहां बसपा सुप्रीमो मायावती गदगद हैं, वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं की बांछे खिला दी है । अपनी सफल रैली से बसपा अपने गढ़ की हिफाजत का एहसास तो दे ही रही है, साथ ही भजपा को यह जतला दी है कि प्रधानमंत्री मोदी के अपेक्षा पार्टी ने भारी संख्या में भीड़ जुटा कर अपना प्रभाव  दिखा दिया है । बसपा द्वारा इस रैली के लिए उसी जगह को चुना गया था जहां भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण दिया था । इस रैली को सफल बनाने के पीछे बसपा का अहम मकसद पश्चिमी यूपी में संदेश देना भी था । 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा ने इधर के 52 सीटों में से 29 पर अपना कब्जा जमाया था । हालांकि बाद में नजीबाबाद के विधायक ने बसपा का साथ छोड़ दिया ।  बेहट से विधायक महावीर राणा को पार्टी ने निष्कासित कर दिया था । बाद में वह बीजेपी के पाले में चले गए । हालांकि बसपा ने इन दो विधायकों की कमियों को शीध्र ही पूरा कर लिया । बुढ़ाना से सपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले नावाजिश आलम और स्याना से कांग्रेस विधायक दिलनवाज खान को अपने पार्टी में शामिल कर यह कसर भी पूरी कर ली है । इस रैली के माध्यम से बसपा मेरठ, बागपत, गााजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर समेत पश्चिमी क्षेत्र के विधानसभा क्षेत्रों में अपनी आमद दर्ज कराई हैं । 2012 के चुनाव में बसपा ने कई सीटों पर परचम फहराया था और इस रैली से इसने जता दिया है कि इसे 2017 में भी इन क्षेत्रों से कम कर नहीं आंका जाए। बसपा सुप्रीमो ने अभी से ‘ सर्वजन हिताय - सर्वजन सुखाय ’ का नारा लगाकर एक तरफ सभी जातियों को साधने का काम कर रही हैं, वहीं आजम खान का गाजियाबाद में बाबा साहब को लेकर कहा गया वक्तव्य को सभी रैलियों में अपमान की बात बता कर अपना वोट बैंक को गोलबंद करने का काम कर रही हैं । 2014 के लोकसभा चुनाव में दलित वर्ग का वोट भी बंट गया था । 2017 के चुनाव में ऐसी स्थिति न पैदा हो इसके लिए अभी से बसपा जोरदार प्रयास में लगी है । यह रैली बसपा को अगामी चुनाव में कितनी सफलता दिला पाती है यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन बसपा के लिए यह रैली कई मायने रखती है ।
                                                                                  tripathi.sanjay290@gmail.com




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