- कृषि विविधीकरण एवं प्रंसस्करण लाभकारी खेती की सफलता की कुंजी है।
गाजियाबाद, ( संवाददाता ) कृषि विविधीकरण एवं प्रंसस्करण आज के बदले हुये परिवेश में किसानों के लिए सफलता की कुंजी है। आज किसानों के परिवार में सदस्यों की संख्या बढ रही है, और कृषि भूमि सकुचित हो रही है। कृषि क्षेत्रफल की कमी से निपटने एवं किसानों की अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए कम क्षेत्रफल में अधिक नगदी फसलों का उत्पादन एवं लाभकारी विपणन करना होगा जिससे वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में गुणात्मक सुधार कर सके।
जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने आज विकास भवन सभागार में आयोजित जनपदीय रबी उत्पादकता गोष्ठी में किसानों को सम्बोधित करते हुये यह विचार व्यक्त किये। उन्होंने किसानों से अपील की वो कम क्षेत्रफल में नवीनतम कृषि तकनिकी का प्रयोग करके अधिकतम खाद्यान्न उत्पादन कर अपनी आय बढाये तथा देश के खाद्यान्न भण्डार की बढौतरी में अपना योगदान दें। जिलाधिकारी ने कृषि विविधीकरण एवं प्रसस्करण पर जोर देते हुये किसानों को सलाह दी की इससे जहाॅ उन्हेें कम क्षेत्रफल में अधिक आय देने वाली नगदी फसलें मिलेगी वही प्रंसस्करण के माध्यम से वह इन फसलों से पारम्परिक लाभ के सापेक्ष कई गुना अधिक लाभ पा सकेगे।
निधि केसरवानी ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि खेती को अर्थ व्यवस्था से जोडा जाये इसके लिए उन्नतशील बीज खाद, कीटनाशक, पर्याप्त सिंचाई जैसे कृषि निवेशो का समुचित उपयोग करना होगा तभी खेती एक फायेदे मन्द व्यवसाय के रूप में सामने आयेगी। उन्होंने किसानों से कहा कि सरकार किसानों की आय में बढौत्तरी तथा खाद्यान्न उत्पादन बढाने के लिए अनेक योजनाएॅं संचालित कर रही
है। जिसके तहत अनुदान दिया जा रहा है जिसका लाभ हर किसान को उठाना चाहिए।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक वी0के0 सिशोदिया ने बताया कि जनपद में रवी वर्ष 2016-17 में विभिन्न फसलों के लिए उत्पादकता के लक्ष्य निर्धारित किये गये है। जनपद में कुल खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य 1287834 कुन्टल का है जिसमें गेहूॅ का उत्पादन 1200082 कुन्टल तोरयिा 68802 कुन्टल तथा राई, सरसों का 18549 कुन्टल लक्ष्य रखा गया है साथ ही गेहूॅ की उत्पादिकता में प्रति हैक्टेयर 7.07 कुन्टल सरसों में 5.02 कुन्टल मसूर में 4.69 कुन्टल तथा मटर में 4.05 कुन्टल की वृद्धि प्रस्तावित की गई है। उन्होने बताया कि जनपद में खाद्य बीज कीटनाशक, आदि कृषि निवेश पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। पूरे जनपद में 54 हजार 130 किसान के्रडिड कार्ड वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तथा कुल 21776 लाख रूपये फसली ऋण के रूप में किसानो को वितरित किये जायेगे।
इस अवसर पर कृषि विज्ञानिकों द्वारा किसानों को नवीनतम कृषि तकनीको के बारे में जानकारी दी गयी। गोष्ठी में किसानों के बीच कृषि सम्बन्धित प्रश्नोत्तरी आयोजित की गयी जिसमें सबालों का सही जबाव देने वाले किसानों को जिलाधिकारी द्वारा पुरूष्कृत किया गया।
गोष्ठी में जिला कृषि अधिकारी एम0पी0सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी सहकारिता बैंक, सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।


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