कन्यावंदन कर हिन्दू संस्कृति में कन्या के महत्व को किया प्रदर्शित In Hindu culture, showing the importance of this week Knyavandn




  • माताभारत  और वंदेमातरम के श्लोगन से गूंज उठा पंडाल

गाजियाबाद, ( संवाददाता ) कविनगर स्थित रामलीला मैदान पर हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला के तत्वावधान में चल रहे चार दिवसीय मेले में आज तीसरे दिन  कन्या वंदन समारोह का आयोजन हुआ । इस मौके पर  हिन्दू संस्कृति में कन्या के महत्व को रामकिशन इंस्टीटयूट की छात्राओ ने परम्परागत विधिविधान से प्रदर्शित कर समझाया । इस मौके पर महामंडलेश्वर साध्वी मैत्री गिरीजी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थी। खास बात यह है कि इस अवसर पर पूरे एनसीआर क्षेत्र से आयी 450 से भी अधिक बालिकाओ के बालको ने पवित्र गंगाजल से उनके चरण धोकर ,तिलक व पुष्प अर्पित कर उनकी पूजा कर यह संदेश दिया कि  हिन्दू संस्कृति में कन्याओ का विशेष पूजनीय स्थान क्यो है।

         
इस अवसर पर स्कूल की छात्राओ ने ईष्ट देव की आराधना में यह गीत तेरी आराधना करूं, दया की याचना करूं, गाकर नृत्य किया। जिसे उपस्थित लोगो ने हृदय से सराहा। इसीक्रम में सरस्वती शिशुमंदिर की छात्राओ ने कन्या के जन्म को लेकर समाज में फैली कुरूतियों पर प्रतिघात करते हुए लघु नाटिका का मंचन किया। जिसमें दर्शाया गया कि कन्या का जन्म कोई अभिशाप नही बल्कि वरदान है । पूरा विश्व आज कन्याओ की धुरी पर ही टिका है। कन्या के बिना सृष्टि की परिकल्पना भी असम्भव थी। खास बात यह है कि पूरे पंडाल में आज भारत माता और वंदे मातरम के नारो से गूंज उठा ।
           
           महामंडलेश्वर साध्वी मैत्रीगिरी ने मंच से इन श्लोगनो का उदघोष कराया । इस अवसर पर मौजूद स्कूली छात्रो ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में अपने माता पिता की सेवा व बहनो की रक्षा करेगे,भारतीय संस्कृति के मूल्यो को  अपने जीवन में गृहण करेगे। योग को अपनाकर शरीर को स्वस्थ रखेगे। अपने  परिवार और राष्ट्र का नाम रोशन करेगे। इस मौके पर आरेकआई के निदेशक आलोक गर्ग व प्रधानाचार्या डा0 मालती गर्ग ने इस सफल आयोजन के लिए मेला व्यवस्थापक को और छात्र छात्राओ को बधाई दी। 




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