आगरा. ( न्यूज नेटवर्क ) नरेंद्र मोदी 3 साल बाद रविवार को आगरा पहुंचे। यहां उन्होंने रूरल हाउसिंग स्कीम और मथुरा-पलवल चौथी रेल लाइन का इनॉगरेशन किया। इस मौके पर मोदी ने बीजेपी की परिवर्तन रैली को भी संबोधित किया। नोटबंदी के फैसले पर उन्होंने कहा- 'मैंने पहले ही दिन कहा था कुछ दिक्कत जरूर होगी, लेकिन ये बेकार नहीं जाएगा, देश सोने की तरह तपकर बाहर निकलेगा।' मोदी ने यह भी कहा, 'अभी तो 20 तारीख हुई है और 5 लाख करोड़ से ज्यादा रकम लोगों ने बैंकों में जमा कर दी है।'
मोदी ने कहा- 'देश ईमानदारी से जीना चाहता है, इसी के लिए ये पहल की गई है। मेरा कदम गरीब और मध्यमवर्ग के लिए है।' 'जिस शहर को बिजली का बिल 5 करोड़ रुपए इकट्ठा करने में आंखों में पानी आ जाता था, 8 नवंबर के बाद वहां 5 करोड़ की जगह 15 करोड़ का बिल आना शुरू हो गया।' 'नोटबंदी के फैसले वाले दिन ही मैंने कहा था, हर 2-3 दिन पर व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करूंगा। व्यवस्थाओं में सुधार करना है तो करूंगा।' 'जनता की सहूलियत के हिसाब से मैंने फैसलों को नरम किया है, लचीला किया है। 500 और 1000 के नोट बैन करने के बाद असुविधा हुई, पर कुछ लोगों का रास्ता बंद कर दिया।' 'देश जानता है कि चिटफंट में किसके पैसे लगे थे। उनका पैसा डूब गया। कितने लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। इन लुटेरों को मैने सजा दी है।' 'लुटेरों के कारण गरीबों को हक नही मिल रहा। अब आप सभी के सपने सच होंगे। देश से यह बीमारी अब खत्म होने वाली है।' 'मैंने पहले ही दिन कहा था कुछ दिक्कत जरूर होगी, लेकिन देशवासी कालेधन और भ्रष्टाचार को मुक्त कराने के लिए मध्यम और गरीब, दलित और किसान जो दिक्कत उठा रही हैं। ये बेकार नहीं जाएगा। देश सोने की तरह तपकर बाहर निकलेगा। जैसे-जैसे जरूरत पड़ेगी वैसे-वैसे सुधार करुंगा।' इससे पहले, मोदी ने दोपहर में मीना बाजार मैदान पहुंचकर रूरल हाउसिंग स्कीम लॉन्च की।
मथुरा-पलवल चौथी रेल लाइन और मथुरा जंक्शन-भूतेश्वर यार्ड ढांचे में बदलाव के साथ रेल फ्लाई ओवर का भी इनॉगरेशन किया।
उनको देश की कम, कुर्सी की ज्यादा चिंता थी
मोदी ने कहा- 'देश में सीमा पास से एक तरफ आतंकवाद हमारे सेना के जवानों को मौत के घाट उतार रहा है। दूसरी तरफ आर्थिक आतंकवाद नौजवानों को ड्रग्स में और देश को आर्थिक तबाही की ओर ले जा रहा था।'
'जाली नोट देश में घुसेड़ दी गई हैं। क्या ऐसा पाप बढ़ते देना चाहिए। क्या देश के जवानों को मरने देना चाहिए। कब तक चुप रहेगा देश। 70 साल चुप तो रहे।' 'इसलिए नहीं कि उनको (पहले की सरकारों) मालूम नहीं था, बल्कि इसलिए कि उनको देश की चिंता कम थी, कुर्सी की चिंता ज्यादा थी।' मोदी ने कहा, 'मैं जानता हूं कि कुछ लोगों का सब कुछ लुट गया है। एमएलए बनना है, तो इतने नोट लाओ। क्या हुआ उन नोटों का। गरीब और ईमानदारी की नोटें थीं ये। ये खेल देश में बंद होना चाहिए। जिनकी पहुंच ज्यादा है, आज उन सबको एक-एक पाई का हिसाब देना पड़ रहा है।' 'मैंने नोटबंदी का ये फैसला किसी को परेशान करने के लिए नहीं किया। मैंने ये फैसला देश की भावी पीढ़ी का भला करने के लिए किया है।'
यूरिया की कालाबाजारी रुकी, किसान को हुआ फायदा
मोदी ने कहा- 'किसान यूरिया के बिना परेशान रहता था। मैंने यूरिया का नीम कोटिंग किया। इस कारण अब यूरिया किसी भी केमिकल के काम नहीं आता। इसके कारण यूरिया की कालाबाजारी रुक गई और किसान को फायदा हुआ।' 'जिन व्यापारियों को सस्ते में यूरिया मिलता था, वो मोदी को थोड़ा परेशान देखकर खुश जरूर होगा।'
ऐसा घर देंगे, जिसमें बिजली और पानी भी हो
मोदी ने कहा- 'हमारी सरकार सही मायने में गरीबों की सरकार है। हम ऐसा घर देंगे, जिसमें बिजली और पानी भी हो। इतनी ही नहीं उज्जवला योजना के तहत ऐसी योजना बनाई है, जिससे गरीबों को गैस की सुविधा भी मिल जाए। 'केंद्र सरकार ने देश के कोने-कोने में राज मिस्त्री बनाने का नया अभियान चलाया। पहले मनरेगा के पैसे का पता नहीं चलता था कि किसके काम आता था। हमनेे कहा कि अगर लोग खुद अपना घर बनाएंगे तो अच्छा बनाएंगे।'
रेल हादसे पर क्या बोले मोदी?
मोदी ने कहा, 'कानपुर के पास रेल एक्सीडेंट के कारण कई लोगों की मौत हो गई। कई घायल हो गए। राहत-बचाव के हर काम चल रहे हैं।' 'इस दुर्घटना की हर जांच तो होगी ही, लेकिन जिनकी मौत हुई उनके परिवारों को आर्थिक मदद, घायलों की चिकित्सा के इंतजाम केंद्र सरकार कर रही है।'
रैली में पहुंचे 9 केंद्रीय मंत्री
परिवर्तन रैली में सुरेश प्रभु, नरेंद्र तोमर, महेश शर्मा, राज्यवर्धन सिंह राठौर, निरंजना ज्योति समेत 9 केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए। रैली में 7 राज्यों से आए करीब 44 लोगों को आवास की चाबी सौंपी गई। इनमें 5 लोग आगरा जिले से ही हैं।
20 विधानसभाओें के वर्कर्स भी पहुंचे, एक शख्स की मौत
परिवर्तन रैली में आगरा और आसपास के जिलों की 20 विधानसभाओं से बीजेपी के वर्कर्स शामिल हुए। आगरा, फीरोजाबाद, मथुरा, एटा और हाथरस के जिलाध्यक्षों को रैली में भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
रैली में मौजूद विजय सिंह नाम के एक शख्स की मौत हो गई। कहा गया कि हार्ट अटैक से उसकी मौत हुई।



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