गाजियाबाद, ( संवाददाता ) मुख्य विकास अधिकारी कृष्णा करूणेश ने स्वच्छता को मानव जीवन के लिए अत्यावश्यक बताते हुये इसे हर व्यक्ति को अपनाने की आवश्यकता बतायी है उन्होंने कहा है कि स्वच्छता से जहाॅ हम बीमारियों से दूर रहते है वही अपनी आय की एक बडी धनराशि बचा सकते है जो अनावश्यक रूप से बीमारियों के इलाज पर व्यय की जाती है। क्योकि अधिकांश बीमारियां दूषित वातावरण से ही फैलती है।
मुख्य विकास अधिकारी आज नगर के सिटी गार्डन होटल मे आयोजित स्वच्छता मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत जनपद को शौच मुक्त बनाने हेतु पाॅच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारम्भ करते हुये यह विचार व्यक्त किये उन्होने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोगो से कहा कि वो गांव में जाकर ग्रामीणों की भाषा में स्वच्छता अभियान के बारे में बताये और उन्हें शौचालय बनवाने तथा उनका उपयोग करने के लिए पे्ररित करे यह एक चुनोैती भरा कार्य अवश्य है लेकिन पूरी निष्ठा से किसी भी कार्य को पूरा किया जा सकता है । इस भावना को लेकर जब आप गंाव में जायेगे तो पूरा विश्वास है कि प्रत्येक ग्रामवासी स्वच्छता के प्रति जागरूक होगा और घर-घर शौचालय बनेगे और शीघ्र ही हमारा जनपद उ0प्र0 में पहला खुले में शौच मुक्त जनपद बनेगा।
इस अवसर पर उप निदेशक पंचायत प्रवीणा चैधरी ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उदे्श्य है कि लोगो की सोच में परिर्वतन लाया जाये लोग शौचालय बनवाने के लिए सरकारी सहायता पर ही निर्भर न रहे बल्कि वो अपने संसाधनों से भी शौचालय बनवाये ।
कार्यक्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि स्वच्छता एक व्यापक विषय है स्वच्छता हमारी संस्कृति में बसी हुई है। पुरानी सभ्यता के मिले अवशेषो से पता चलता है कि जल निकासी एवं सफाई की प्रभावी व्यवस्था तत्कालीन नगरों में थी आज ग्रामीण व नगर क्षेत्रों में गन्दगी/अस्वच्छता एक चुनोैती के रूप में सामने है इसके विरूद्व जन मानस को जागरूक करने की जरूरत है विशेष रूप से खुले में शौच करने की प्रवत्ति को हतोत्साहित किये जाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का संचालन जिला कन्सलटेन्ट स्वच्छ भारत मिशन मौ0 फारूक ने किया।


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