नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) विश्व पुस्तक मेला, 2017 के आठवें दिन भी प्रगति मैदान में पुस्तक प्रेमियों का हुजूम देखा जा सकता था। मेला समाप्त होने में केवल एक दिन शेष है।
आज पुस्तक मेले का दृश्य देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो लोग बचे हुए इन दो दिनों का भरपूर लाभ उठा लेना चाहते हों। किसी भी हाॅल में किसी भी स्टाॅल पर देखिए, पुस्तक प्रेमी ही नज़र आ रहे थे। युवाओं, बच्चों, अभिभावकों व बुजुर्गों सभी को पूरे उत्साह के साथ अपनी पसंदीदा पुस्तकें खरीदते देखकर अत्यंत प्रसन्नता की अनुभूति होती है कि लोगों में पढ़ने की चाह प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आज मेले में दिनभर अनेक साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन हुआ।
थीम मंडप
आज थीम मंडप पर बाॅलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री आशा पारेख ने आत्मकथा ‘आशा पारेख-द हिट गर्ल’ पर खालिद मोहम्मद के साथ बातचीत की। उन्होंने बताया कि सबसे पहले ‘आसमान’ फिल्म में एक बाल कलाकार के रूप में कार्य किया। इस अवसर पर उन्होंने अपनी फिल्मी यात्रा एवं विभिन्न प्रसिद्ध फिल्मों एवं उनके निर्देशकों के साथ बिताए पलों के अनुभव सभी के साथ साझा किए। आज इस मंच पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सहयोग से इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा भरतमुनि कृत ‘नाट्यशास्त्र’ पर चर्चा का आयोजन किया गया जिसमें वक्ताओं के रूप में डाॅ. चन्द्रप्रकाश द्विवेदी, प्रो. भरत गुप्त तथा प्रो. वामन केंद्रे उपस्थित थे। यहाँ उपस्थित वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि नाटक केवल मनोरंजन का ही नहीं प्रबोधन, आध्यात्मिक शक्ति का भी माध्यम है। इसी मंच पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा ़ प्रसिद्ध कन्नड संत कवयित्री ‘अक्का महादेवी के वचन’ पर आधारित संगीत गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें श्रीमती वीणा मरडूर एवं समूह द्वारा प्रस्तुति की गई। आज हाॅल नं. 18 के सेमिनार हाॅल में भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम का आया ेजन किया गया जिसमें प्रेमचंद, मदर टेरेसा, सरदार बल्लभ भाई पटेल आदि प्रसिद्ध व्यक्तित्वों पर आधारित 50 से अधिक पुस्तकों का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर वक्ताओं के रूप में उपस्थित थे: प्रसिद्ध कवि डाॅ. विश्वनाथ त्रिपाठी, लेखक लीलाधर मंडलोई; प्रो. जानकी प्रसाद शर्मा एवं श्री अवध नारायण मुद्गल। इन पुस्तकों के विषय में बताते हुए लीलाधर मंडलोई ने कहा कि ये पुस्तकें मुख्यतः युवाओं के लिए प्रकाशित की गई हैं जिससे युवाओं को उन व्यक्तित्वों से परिचित करवाया जाए जिन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करने के बावजूद सफलता पाई और राष्ट्र की सेवा की। साहित्य मंच पर यश पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित एवं विपिन शर्मा ‘अनहद’ द्वारा लिखित पुस्तक का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. मनमोहन चड्ढा (फिल्म इंस्टीट्यूट, पुणे); संपादक, समयांतर, श्री पंकज बिष्ट; प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, प्रो. प्रेम सिंह, श्री विजय शर्मा, प्रो. रोहिणी अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
आज मेले में साहित्यिक कार्यक्रमों की इस शृंखला में प्रभात प्रकाशन व राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में लेखक ऋषि भारद्वाज द्वारा लिखित पुस्तक ‘देशभक्ति के पावन तीर्थ’ का विमोचन हुआ। कार्यक्रम में योगेंद्र सिंह यादव, कर्नल बी.एन. थापर, अनुज दयाल, अरुण खेत्रपाल उपस्थित थे। इस अवसर पर एनबीटी के अध्यक्ष, श्री बल्देव भाई शर्मा भी उपस्थित थे। इस पुस्तक के बारे में बातचीत करते हुए लेखक, ऋषि भारद्वाज ने बताया कि यह पुस्तक भारतीय सेना के शहीदों के शौर्य प्रदर्शन और उनकी वीर गाथाओं का संकलन है।
लेखक मंच
हाॅल नं. 12 में बने लेखक मंच पर सिद्धांत फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लेखक सत्यनारायण पटेल द्वारा लिखित उपन्यास ‘गाँव’ का अँग्रेजी अनुवाद ‘द पावर डस्ट’, जिसे रश्मि त्यागी द्वारा अनूदित किया गया है, का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम में असद ज़ैदी, रोहिणी अग्रवाल, रचना त्यागी और रमेश उपाध्याय मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। लोकार्पित पुस्तक गाँव के परिदृश्य पर आधारित है जो गाँव में होने वाली तकलीफो, चुनौतियों और दैनिक संघर्षो ं की आ ेर ध्यान आकर्षित करती है। आज लेखक मंच पर प्रवासी संचार पत्रिका द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ‘आठवी ं अनुसूची एवं हिंदी की बोलियाँ’ विषय पर परिचर्चा हुई। कार्यक्रम में प्रेमपाल शर्मा, मुकेश भारद्वाज, अमरनाथ, राकेश पांडे मुख्य वक्ता के रूप में मंच पर उपस्थित थे। विषय पर चर्चा करते हुए प्रेमपाल शर्मा ने अँग्रेजी भाषा पर बढ़ती निर्भरता पर अपनी चिंता व्यक्त की। यहाँ उपस्थित श्रोताओं ने भी अपनी रुचि दिखाई और प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया।
कल, दिनांक 15 जनवरी, 2017 को नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का अंतिम दिन है व मेले का समय प्रातः 11.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक है।


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