वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को ट्रांस-पसिफिक पार्टनरशिप (टीपीपी) व्यापार समझौते से औपचारिक रूप से हटा लिया। उन्होंने 12 देशों के व्यापार समझौते की वार्ता प्रक्रिया से वापसी के आदेश पर दस्तखत किए। यह पहल उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा की बड़ी अंतरराष्ट्रीय व्यापार परियोजनाओं में से एक थी।
ट्रंप ने टीपीपी से अमेरिका के हटने के आदेश पर दस्तखत करने के बाद कहा, 'हम लंबे समय से इस बारे में बात कर रहे थे। यह अमेरिकी श्रमिकों के लिए बहुत अच्छा वक्त है।' ट्रंप ने अपने प्रचार अभियान में ऐसा करने का वादा किया था। हालांकि शीर्ष रिपब्लिकन सेनेटर जॉन मैकेन ने ट्रंप के फैसले को त्रुटि करार दिया है।
ट्रंप ने अपने प्रचार के दौरान तर्क दिया था कि टीपीपी की तरह के मुक्त व्यापार समझौते अमेरिकी श्रमिकों और निर्माण क्षेत्र के लिए नुकसानदायक हैं। ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद और अधिक संरक्षणवादी व्यापार नीतियों को लागू करने का वादा किया था।टीपीपी पर इस कदम को अमेरिकी व्यापार नीतियों को नई दिशा देने की ट्रंप प्रशासन की पहली बड़ी कार्रवाई समझा जा रहा है। 12 देशों के इस समझौते को ओबामा के कार्यकाल में अंजाम दिया गया था। हालांकि अमेरिकी कांग्रेस ने कभी इसका अनुमोदन नहीं किया। तब इस समझौते को रिपब्लिकन और कुछ डेमोक्रैट्स के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था।



0 comments:
Post a Comment