डेयरी संचालक की हत्या का मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग Human Rights Commission of the murder reached dairy operato



साहिबाबाद, ( प्रमुख संवाददाता )  एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ने बृहस्पतिवार की रात शहीदनगगर में हुई एक डेयरी संचालक की हत्या में थाना साहिबाबाद की पुलिस चैकी शहीदनगर के पुलिस कर्मियों की भूमिका की शिकायत मानवाधिकार आयोग में की है। आरोप है कि पुलिस में व्याप्त कथित  भ्रष्टाचार की भेंट डेयरी मालिक चढ़ गया। यदि पुलिस डेयरी मालिक की शिकायत का संज्ञान लेकर कानूनी कार्यवाही करती तो उसकी हत्या नहीं होती। इस प्रकरण मंे मानवाधिकार कार्यकर्ता ने आयोग से मांग की गयी है कि इस मामले में तत्काल आयोग में केष दर्ज किया जाय, इस प्रकरण की रिपोर्ट आयोग में तलव की जाय तथा दोषी पुलिस कर्मियों एवं अधिकारियों को तत्काल वर्खास्त कर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाई करने का आदेश यूपी के पुलिस महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव को जारी किये जांय।
     गौरतलव है कि शहीद नगर में घर में सोते समय बृहस्पतिबार की रात को चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी गयी थी। 65साल के डेयरी संचालक पहलवान रामसिंहासन यादव की हत्या के मामले में मानवाधिकार कार्यकर्ता राजीव कुमार शर्मा ने मानवाधिकार आयोग को पत्र लिख कर पुलिस की शिकायत की है कि थाना साहिबाबाद की पुलिस चैकी शहीद नगर के पुलिस कर्मियों के रवैये के कारण उसके मानवाधिकारों का हनन हुआ। यदि पुलिस डेयरी संचालक पहलवान रामसिंहासन यादव की शिकायत पर कानूनी कार्यवाही करती तो उसकी हत्या नहीं होती। पुलिस की कार्यशैली से उसके जीने के मानवाधिकार का हनन हुआ है। कार्यकर्ता ने आयोग को बताया है कि झगड़े वाले दोनों पक्ष दो अलग अलग समुदाय के थे। ऐसे में शांति भंग होने की भी पूरी आशंका थी। फिर भी पुलिस ने डेयरी संचालक की शिकायत पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। घटनाक्रम के बारे में कार्यकर्ता ने आयोग को बताया है कि मृतक ने घर के बाहर दारू पीने तथा दारू पीकर गाली गलौच कर हंगामा करने पर उसने तीन युवको को टोक दिया था। तब उसे आरोपी युवकों ने चांटा मार कर बेइज्जत किया था। इस मामले की शिकायत मृतक ने पुलिस चैकी शहीदनगर पर की तथा पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए तीनों आरोपियों को पकड़ कर चैकी ले जाया गया। लेकिन एक पक्ष के दबाव के बाद पुलिस ने उल्टा डेयरी संचालक को धमकाया और कहा कि तू क्या साम्प्रदायिक दंगा कराना चाहता है ? इससे डेयरी संचालक घवरा गया और पुलिस के बताये अनुसार उसने पुलिस को यह लिख कर दे दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहता। इसके बाद आरोपियों को छोड़ दिया गया था। इससे आरोपयिों के हौंसले और बुलंद हो गये और उन्होंने पुलिस चैकी के बाहर आते ही फिर से डेयरी संचालक को अंजाम भ्ुागतने की धमकी दी गयी थी। इस मामले में पुलिसकर्मियों पर दो हजार रूपये लेकर शिकायत पर कार्रवाई करने के बदले आरोपियों को छोड़ने का गंभीर आरोप मानवाधिकार कार्यकर्ता ने  लगाया है ।
         मानवाधिकार कार्यकर्ता ने मानवाधिकार आयोग से मांग की है कि इस प्रकरण मंे आयोग में तत्काल केष दर्ज किया जाय, इस प्रकरण की रिपोर्ट आयोग में तलव की जाय तथा दोषी पुलिस कर्मियों एवं अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त कर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाई करने का आदेश यूपी के पुलिस महानिदेशक एवं प्रमुख सचिव को जारी किये जांय।





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