नई दिल्ली, ( संवाददाता ) दिल्ली में पड़ रही कड़ाके की सर्दी व एक कार्यदिवस होने के बावजूद आज मेले में हर आयु-वर्ग के पुस्तक प्रेमियों को अपनी मनपसंद पुस्तकें खरीदते व पुस्तकों से भरे थैले हाथ में लिए देखा जा सकता था।
पुस्तक लोकार्पण
स्वामी विवेकानंद की 154वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा ‘हिमालय में विवेकानंद’ पुस्तक का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘‘नरेंद्र, जो हिमालय क्षेत्र में आकर विवेकानंद बने, जिन्होंने भारत की उज्ज्वल संस्कृति के प्रकाश को पूरे विश्व में फैलाया, आज उसी युगपुरुष विवेकानंद के जन्म दिवस के अवसर पर उनके हिमालय प्रवास पर आधारित पुस्तक ‘हिमालय में विवेकानंद’ का लोकार्पण हम सबके लिए अत्यंत खुशी और आनंद का क्षण है।’’ ये उद्गार हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री, श्री मनोहर लाल खट्टर ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा आयोजित
पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने साहित्यकार एवं उत्तराखंड के माननीय पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान लोकसभा सांसद, डाॅ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा लिखित पुस्तक ‘हिमालय में विवेकानंद’ का लोकार्पण किया। एनबीटी द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक स्वामी विवेकानंद के लगभग एक दशक के अंतराल (1890-1902) में, वर्तमान उत्तराखंड
के हिमालयी क्षेत्र में पाँच बार प्रवास पर आधारित पहली ऐसी पुस्तक है जो हिमालय में उनके प्रवास को नए तथ्यों की रोशनी में विस्तार से प्रस्तुत करती है। इस अवसर पर डाॅ. रमेश पोखरियाल ने कहा, ‘‘हिमालय के विवेकानंद का जीवन बड़ी कठिनाइयों में गुज़रा है, उस विवेकानंद के संबंध में आज की युवा पीढ़ी को बताया जाना बेहद ज़रूरी है।’’ इस अवसर पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष, श्री बल्देव भाई शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘जिनके नाम का स्मरण मात्र हमारे मन मस्तिष्क में स्फुरण पैदा कर देता ह ै, वैसे यशस्वी मनीषी, स्वामी विवेकानंद के जीवन पर यह एक अद्भुत पुस्तक है।’’ इस अवसर पर वक्ता के रूप में श्री योगेंद्र शर्मा ‘अरुण’, प्रो हरिशंकर मिश्र उपस्थित थे।
थीम मंडप
आज भी मेले में बने थीम मंडप ’मानुषी’ पर विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। आज यहाँ ओडिसी कला आश्रम, नई दिल्ली की सुुश्री जया मेहता और स्वाति चट्टोपाध्याय ने डाॅ. प्रतिभा राय के ओड़िया उपन्यास, ’सिलापद्मा’ पर आधारित ओडिसी नृत्य प्रस्तुत किया। इसी मंच पर आज साहित्य अकादेमी द्वारा ’नारी चेतना’ विषय पर आधारित चर्चा आयोजित की गई जिसमें प्रसिद्ध लेखिकाएँ व साहित्यकार मृदुला शुक्ला, शरद सिंह, पंखुरी सिन्हा, अलका सिन्हा उपस्थित थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुश्री चंद्रकांता द्वारा की गई। यहाँ लेखिकाओं ने अपनी रचनाओं के कुछ अंशों का पाठ किया।
साहित्य मंच
आज इस मंच पर प्रेरणा मीडिया नेपुण्य संस्थान के सहयोग से राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा ‘संचार की भारतीय परंपरा’ विषय पर विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं के रूप में उपस्थित थे: श्री अरुण सिन्हा, डाॅ. प्रदीप कुमार, जगदीश उपासने एवं प्रभाकर जी वर्मा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डाॅ. प्रेमचंद्र पातंजलि उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी मुद्रित मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी के माध्यम से हम समाज के उन वर्गों तक समाचार उपलब्ध कराते हैं जहाँ लोगों की इलेक्ट्राॅनिक मीडिया तक पहुँच नहीं है। यहाँ मीडिया के नवीनतम तरीकों एवं मीडिया के इतिहास के बारे में भी बातचीत की गई।
बाल मंडप
बाल मंडप पर हैप्पी हाॅरिजन ट्रस्ट द्वारा ’फन विद टाइपोग्राफी’ कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें श्री क्षितिज आनंद तथा उनके समूह ने बच्चों को टाइपोग्राफी से अवगत कराया तथा विभिन्न तरीकों के फाॅन्ट के बारे में बच्चों को बताया। यहाँ बच्चों ने छोटे-छोटे समूह बनाकर इन फाॅन्ट का प्रयोग करते हुए रोचक पोस्टर बनाए। इस मंच पर आज हरेकृष्ण देवसरे बाल साहित्य न्यास द्वारा ‘आओ लिखें एक कहानी’ कार्यक्रम रखा गया जिसमें प्रसिद्ध रचनाकार, डाॅ. मधु पंत तथा श्री देवेंद्र मेवाड़ी ने कार्यक्रम में भाग लिया और यहाँ उपस्थित बच्चों को कागज़ और पेन देकर उन्हें अपनी कल्पनाओं को कहानी के माध्यम से प्रस्तुत करने के अवसर दिए। बच्चों के मंच पर आज राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के तीन केंद्रों से लगभग 150 दिव्यांग बच्चे आए और उन्होंने बाल मंडप पर आयोजित विभिन्न गतिविधियों जैसे-आओ कहानी लिखें, चित्रों की सहायता से संदेश बनाना, रोमांचक कहाानियाँ सुनना जैसे कार्यक्रमों में बढ ़-चढ ़कर भाग लिया और वे सभी बच्चे पुस्तक मेले में आकर अत्यंत प्रसन्न नज़र आए।


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