भारतीय वायुसेना के दिवंगत मार्शल अर्जन सिंह को राजकीय सम्मान के साथ दी जा रही है अंतिम विदाई - marshal arjan singh last rites




नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के दिवंगत मार्शल अर्जन सिंह को अंतिम विदाई दी जा रही है.  उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए  बरार स्क्वायर (अंत्येष्टि स्थल) लाया गया है. यहीं राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. इस दौरान उनके सम्मान में राजधानी में सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. उनके सम्मान में बंदूकों की सलामी के साथ फ़्लाई पास्ट भी होगा. इसके पहले रविवार को उनके आवास पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण समेत तमाम गणमान्य लोग पहुंचे थे. 98 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनका शनिवार को निधन हो गया था.



अर्जन सिंह वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक थे और इकलौते वायु सेना अधिकारी थे जिन्हें ‘फाइव स्टार रैंक’ दिया गया था. उनका 98 वर्ष की उम्र में कल यहां निधन हो गया. उन्हें 44 वर्ष की आयु में ही भारतीय वायु सेना का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई जिसे उन्होंने शानदार तरीके से निभाया. वर्ष 1965 की लड़ाई में जब भारतीय वायु सेना अग्रिम मोर्चे पर थी तब वह उसके प्रमुख थे.



अलग-अलग तरह के 60 से भी ज्यादा विमान उड़ाने वाले सिंह ने भारतीय वायु सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायु सेनाओं में से एक बनाने और विश्व में चौथी सबसे बड़ी वायु सेना बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. बहुत कम बोलने वाले व्यक्ति के तौर पर पहचाने जाने वाले सिंह ना केवल निडर लड़ाकू पायलट थे बल्कि उनको हवाई शक्ति के बारे में गहन ज्ञान था जिसका वह हवाई अभियानों में व्यापक रूप से इस्तेमाल करते थे. उन्हें 1965 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.

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