केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगा डी.एम.सी.ए DMCA will protest against the Central Urban Development Ministry



  • डी.एम.सी.ए ने मेट्रो बहिष्कार का किया आयोजन, मेट्रो यात्रियों का मिला भारी समर्थन
  • डी.एम.सी.ए कार्यकर्ताओं को मेट्रो कर्मचारियों द्वारा जहांगीरपुरी और शादीपुर मेट्रो स्टेशन से किया गया डिटेन


नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  दिल्ली मेट्रो कमयूटर्स एसोसिएशन (डी.एम.सी.ए) ने आज 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो किराए में बढ़ोत्तरी के खिलाफ यात्रियों से बड़े पैमाने पर मेट्रो बहिष्कार करने का आह्वान किया| उनके आह्वान को आजादपुर, शादीपुर, जहांगीरपुरी, जी.टी.बी. नगर, लक्ष्मी नगर, राजीव चौक, राजेंद्र प्लेस जैसे बड़े स्टेशन पर आम यात्रियों का भारी समर्थन मिला| कार्यकर्ताओं ने यात्रियों के हाथ में काली पट्टी बांधकर उन्हें अपना विरोध दर्शाने का भी अनुरोध किया| ज्ञात हो कि यात्रियों से बहिष्कार के आह्वान को मिल रहे समर्थन के कारण जहांगीरपुरी और शादीपुर मेट्रो स्टेशन पर डी.एम.सी.ए कार्यकर्ताओं को मेट्रो कर्मचारियों ने पकड़कर उनपर झूठा चोरी का इलज़ाम लगाया| बाद में उन्हें कश्मीरी गेट मेट्रो पुलिस स्टेशन लाया गया, जहाँ कार्यकर्ताओ और आम यात्रियों के भारी दबाव और इलज़ाम के सरासर झूठ होने के कारण उन्हें छोड़ दिया गया|

ज्ञात हो कि इस साल मेट्रो किराए में यह बढ़ोत्तरी दूसरी बार की जा रही है| इस बढ़ोत्तरी से किराया दोगुना हो जाएगा| ज्ञात हो कि पहले की गयी किराया बढ़ोत्तरी इतनी ज्यादा थी कि यात्रियों की दैनिक संख्या में औसतन 2 लाख की कमी देखी गयी थी| ज्ञात हो कि डी.एम.सी.ए कार्यकर्ताओं ने इस साल मई में किराया बढ़ोत्तरी को लेकर केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय और दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डी.एम.आर.सी) के खिलाफ प्रदर्शन किया था| उन्होंने डी.एम.आर.सी को एक ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी थी कि किराया कम करने की मांग को तुरंत माना जाए| साथ ही, कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर इकठ्ठा होकर तब केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू का पुतला फूँका था और डी.एम.आर.सी और शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जापानी कंपनी के लिए काम करने और दिल्ली की आम जनता की अवहेलना करने की बात कही थी|

डी.एम.सी.ए दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डी.एम.आर.सी) के यात्रा-किराए को बढ़ाने के फैसले की कड़ी भर्त्सना करता है| इस फैसले के पीछे मेट्रो को चलाने में हो रहे नुक्सान को कारण बताया गया है| यह पूर्णतः गलत है क्योंकि सरकार व्यापारी घरानों को तो लाखों करोड़ की टैक्स माफी दे रही है, परन्तु किराया बढ़ाने के लिए नुक्सान होने को कारण बता रही है| साथ ही, मेट्रो अधिकारियों और केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के द्वारा दिया जा रहा तर्क कि घाटे के बावजूद मेट्रो का किराया अभी तक नहीं बढ़ाया गया था, पूर्णतः झूठ है क्योंकि पहले से ही मेट्रो का किराया काफी ज्यादा था और मेट्रो को बिलकुल ठसाठस भरकर मुनाफा कमाया जाता था| इसके अतिरिक्त, अन्य देशों में मेट्रो में मुहैया कराई जाने वाली सुविधाएं जैसे शौचालय, पेय-जल इत्यादि की भी दिल्ली मेट्रो में कमी है| साथ ही, दिल्ली मेट्रो अपने कर्मचारियों को ठेके पर नियुक्त करता है और उनको न्यूनतम मजदूरी भी न देकर, और भी अधिक मुनाफा कमाता है|

ज्ञात हो कि किराये में बढ़ोत्तरी के कारण महिलाओं को भीड़-भरी बसों में यात्रा करने को मजबूर होना पड़ेगा, जिससे शोषण के मामले बढ़ेंगे| मजदूरों और छात्रों के लिए भी बढ़े किराए से परेशानी होगी, क्योंकि पहले से ही मेट्रो का किराया काफी ज्यादा था| यह बढ़ोत्तरी अगर वापस नहीं ली जाती है तो दिल्ली में प्रदूषण की समस्या भी बढ़ेगी क्योंकि इससे निजी वाहनों की संख्या में इजाफा होगा जिससे प्रदूषण बढ़ेगा; जबकि समय की ज़रुरत है कि दिल्ली को प्रदूषण-मुक्त बनाया जाए| मेट्रो बहिष्कार मुहीम को यात्रियों का भारी समर्थन मिला है और डी.एम.सी.ए ने अपना यह विरोध अब केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय पर ले जाने का निश्चय किया है, जिसमे भारी संख्या में मेट्रो यात्री भी शामिल होंगे|



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