गाज़ियाबाद, हिंडन एयरबेस पर भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को अपनी 85वीं वर्षगांठ के लिए होने वाली परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल की। परेड ग्रांउड पर वायु सैनिकों ने अपनी चुस्ती-फुर्ती और अद्भुत तालमेल का परिचय दिया। वहीं युद्धक लड़ाकू विमानों ने देश की ताकत का अहसास कराया। स्वदेशी युद्धक विमान ‘तेजस ने आसमान का सीना चीरकर पूरी दुनिया को भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता से परिचय कराया।
हर वर्ष आठ अक्तूबर को वायुसेना दिवस पर वायु योद्धा पूरे जोश के साथ स्थापना दिवस मनाते हैं। वायुसेना दिवस के दो दिन पहले शुक्रवार को हिंडन एयरबेस पर फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया। वायुसेना दिवस पर रविवार को परेड होनी है। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई रिहर्सल के दौरान वायुसेना के पैराजंपर्स की आकाशगंगा टीम परेड ग्राउंड पर पैराशूट के सहारे उतरी। इसके बाद वायुसेना बैंड की धुन पर परेड की शुरुआत हुई। फिर एयर वारियर ड्रिल टीम ने साढ़े पांच किलो की 303 राइफल को उंगली पर नचाकर दर्शकों को अचंभित कर दिया। पलक झपकते ही वायु सैनिक कब अपनी पॉजीशन बदल लेते, दर्शकों को पता नहीं चलता।
एयर शो ने रोमांच मचा
एयर शो के दौरान वायुसेना के लड़ाकू विमानों और डिस्पले टीम ने हवा में जमकर करतब दिखाए। एयर शो की शुरुआत वायुसेना के पहले हैलीकॉप्टर ‘टाइगर मोथ से हुई। इसके बाद हरक्यूलिस विमान आसमान का सीना चीरते हुए परेड ग्राउंड के ऊपर से गुजरे। कुछ ही देर में टोही विमान एईएनसी ने दर्शकों की निगाहें बांध लीं। एयर शो में इस टोही विमान को पहली बार शामिल किया गया है। इसके बाद भारी मालवाहक विमान सी-17
ग्लोब मास्टर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
ग्लोबमास्टर बीते दिनों यमन में चलाए गए राहत अभियान में काम आया था। इसके बाद तीन जगुआर, फिर अंबाला से उड़ान भरकर तीन मिग-21 और उसके पीछे-पीछे तीन मिग-29, ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरकर तीन मिराज-2000, हलवारा एयरबेस से तीन सुखोई-30 एमकेआई परेड ग्राउंड के ऊपर पहुंच गए। इन सबके आगमन में सेंकडों का अंतर था। इससे वायुसेना के पायलटों ने अद्भुत तालमेल और अदम्य साहस का परिचय दिया।
सूर्यकिरण विमानों ने दिखाया जलवा
फिर बारी आई सूर्य किरण टीम की। इस बार छह के बजाय नौ सूर्यकिरण विमान एयर शो में शामिल हुए। जय हो ... की धुन के साथ सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम ने काफी देर तक परेड ग्राउंड पर बैठे दर्शकों का मनोरंजन किया।
तेजस ने दिखाई अपनी ताकत
देश में निर्मित ‘तेजस ने काफी देर तक हवा में करतब दिखाकर अपने कौशल का परिचय दिया। जुलाई, 2016 में भारतीय वायुसेना में शामिल किए गए तेजस को फ्लाइट लेफ्टिनेंट माधव रंगाचारी उड़ा रहे थे। तेजस ने सबसे ज्यादा समय तक परेड ग्राउंड के ऊपर कलाबाजी दिखाई।
सारंग ने अर्जन सिंह को अपने अंदाज में दी श्रद्धांजलि
भारतीय वायु सेना के सारंग हेलीकॉप्टरों ने वायु सेना के एकलौते मार्शल स्वर्गीय अर्जन सिंह को अपने ही अंदाज में श्रद्धांजलि दी। 4 सारंग हेलीकॉप्टर एक साथ हवा में उड़ते हुए आए और एक हेलीकॉप्टर ने झुकते हुए अभिवादन किया। एयरफोर्स डे फुल रिहर्सल परेड के दौरान भी अर्जन सिंह की तस्वीर वायुसेना ने लगाई थी।
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