केवाईएस ने छात्र-विरोधी मेट्रो किराया बढ़ोत्तरी के खिलाफ डीयू में किया विरोध प्रदर्शन KYS protests in DU against student anti-student hike hike



  • विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन तक रैली निकलकर किया मेट्रो किराया वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग 
  • डी.एम.आर.सी का फूँका पुतला

नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) कार्यकर्ताओं ने आम छात्रों के साथ मिलकर मेट्रो किराए में बढ़ोत्तरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया| उन्होंने आर्ट्स फैकल्टी से विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन तक एक रैली निकालकर आम छात्रों से इस जन-विरोधी फैसले के खिलाफ साथ आने का भी आह्वान किया| रैली की समाप्ति विश्वविद्यालय मेट्रो पर जन-सभा आयोजित कर की गयी| इस मौके पर दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डी.एम.आर.सी) और केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय का एक पुतला फूँक कर उनके जन-विरोधी फैसले के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया| ज्ञात हो कि इस साल मेट्रो किराए में यह बढ़ोत्तरी दूसरी बार की जा रही है| इस बढ़ोत्तरी से किराया दोगुना हो गया है और इस कारण आम छात्रों और वंचित वर्गों खासकर मजदूरों का मेट्रो में यात्रा करना अब और भी कठिन हो गया है| ज्ञात हो कि आज के विरोध प्रदर्शन में दिल्ली मेट्रो कम्यूटर्स एसोसिएशन (डी.एम.सी.ए) के संयोजक, सचिन सिंह भंडारी को भी आम सभा को संबोधित करने के लिए इस विरोध प्रदर्शन में आमंत्रित किया गया था|
ज्ञात हो कि किराए में बढ़ोत्तरी किये जाने के लिए जापानी एजेंसी को उसका ऋण दिया जाना कारण बताया जा रहा है जो उसने मेट्रो के निर्माण के लिए दिया था| यह साफ़ तौर पर दिखाता है कि ऋण से जापानी एजेंसी को ही मुनाफा हो रहा है, क्योंकि मूल ऋण से ज्यादा उसका ब्याज है| इसके अतिरिक्त, ऐसे ऋण के साथ अन्य शर्तें भी बाध्यकारी बनाये जाती हैं, जिससे ऋण देने वाली एजेंसी को बड़ा मुनाफा हो| साथ ही, अगर मेट्रो निर्माण और विस्तार के लिए भी वित्त जनता से लिए जाने वाले किराए से लिया जाएगा, तो मेट्रो में यात्रा करना नामुमकिन हो जाएगा| ज्ञात हो कि मेट्रो एक जन सुविधा है और यात्रियों से सिर्फ यात्रा का किराया लिया जाना चाहिए| यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वो मेट्रो निर्माण और विस्तार में होने वाले खर्चे को वहन करे|

केवाईएस मानता है कि मेट्रो अधिकारियों और केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के द्वारा दिया जा रहा तर्क कि घाटे के बावजूद मेट्रो का किराया अभी तक नहीं बढ़ाया गया था, पूर्णतः झूठ है क्योंकि पहले से ही मेट्रो का किराया काफी ज्यादा था और मेट्रो को बिलकुल ठसाठस भरकर मुनाफा कमाया जाता था| किराये में बढ़ोत्तरी के कारण महिलाओं की भी असुरक्षा बढ़ेगी, क्योंकि उन्हें मेट्रो छोड़कर अन्य असुरक्षित यातायात लेना पड़ेगा|
केवाईएस इस जन-विरोधी फैसले जिसके द्वारा आम लोगों को अनौपचारिक तौर पर कर लिया जा रहा है उसकी कड़ी भर्त्सना करता है| वो मांग करता है कि कारों पर लक्ज़री टैक्स लगाया जाए जिससे सरकारी आमदनी तो बढ़े ही, साथ ही प्रदूषण में भी कमी आये| केवाईएस यह भी मांग करता है कि पूरे देश में एक जन-समर्थक सार्वजनिक यातायात नीति लागू की जाए जिसके तहत सभी को सस्ता और सुविधाजनक यातायात मुहैया हो सके| ज्ञात हो कि केवाईएस डी.एम.सी.ए के साथ मिलकर इस जन-विरोधी फैसले के खिलाफ अभियान चला रहा है और आने वाले दिनों में भाजपा के सांसदों और विधायकों का भी घेराव करेगा|


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